मध्यप्रदेश: ठंड से बचने के लिए परिवार ने जलाई सिगड़ी, 12 दिन की बच्ची सहित चार की मौत
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
- सर्दी से बचने के लिए परिवार ने जलाई थी सिगड़ी।
- धुंए के कारण दम घुटने से 4 की मौत।
- मृतकों में 12 दिन की बच्ची भी शामिल।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
मध्यप्रदेश के भोपाल में एक ही परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई है। मृतकों में 12 दिन की बच्ची भी शामिल है। हादसा राजधानी के मंडीदीप की मेगा सिटी कालोनी में हुआ। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर का दरवाजा तोड़ा। घर में 20 वर्षीय महिला, उसकी 12 दिन की बेटी, 11 वर्षीय भाई और 45 वर्षीय मां मृत पाए गए। वहीं महिला का पति छन्नू (25) बेहोश अवस्था में मिला। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस को आशंका है कि घर में जल रही सिगड़ी के कारण दम घुटने से सबकी मौत हुई। जब पुलिस घर में घुसी तो उन्हें सिगड़ी से धुंआ निकलता दिखाई दिया। ठंड से बचने के लिए परिवार ने घर में सिगड़ी जलाई थी। कोयला जलने से बनी जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड कमरे में भर गई और इसी से सभी का दम घुट गया। फिलहाल मौत की असल वजह का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा।
एएसपी आदेश प्रताप सिंह के अनुसार दिनभर जब छन्नू के घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने शाम को पुलिस को सूचना दी। बुधवार को मृतकों का पोस्टमार्टम होगा।
पड़ोसी ने पुलिस को दी थी सूचना
छन्नू के पड़ोसी ने ही पुलिस को सूचना दी थी। उसका कहना है कि सोमवार को उसकी परिवार से मुलाकात हुई लेकिन मंगलवार को कोई नहीं दिखा। घर का दरवाजा भी अंदर से बंद था। इसलिए उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस जब घर में पहुंची तो उन्होंने सबकी नब्ज देखी। तब पता चला कि छन्नू को छोड़कर पूरा परिवार दम तोड़ चुका है। घर बुरी तरह धुंए से भरा हुआ था।
पुलिस ने जब घायल छन्नू से बात की उसने बताया कि घर में खुशी का माहौल था। 12 दिन पहले ही उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। इसी खुशी के चलते उसकी सास और साला घर आए हुए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि सिगड़ी में कोयला जलने से निकलने वाले खतरनाक धुंए से 110 वर्गफीट के कमरे में 2-3 घंटे के अंदर मौत हो सकती है। इससे व्यक्ति धीरे-धीरे बेसुध होने लगता है। वहीं रूम हीटर से ऐसी कोई गैस नहीं बनती इसलिए उससे कोई आशंका नहीं होती।