2000 का नोट हमारे देश के लिए ठीक नहीं : बाबा रामदेव
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योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि 2000 का नोट हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है, इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा। यह ले जाने में आसान है और इससे अवैध लेन-देन को बढ़ावा मिलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
मध्यप्रदेश सरकार के नमामि नर्मदे सेवा यात्रा में शामिल होने आए बाबा रामदेव ने यह भी कहा है कि वह किसी एक पार्टी के समर्थक नहीं हैं। जो पार्टी अच्छा काम करेगी, वह उसका समर्थन करेंगे। चाहे फिर वह कांग्रेस हो या भाजपा। देश में कालेधन के खिलाफ प्रचार प्रसार करते रहे बाबा रामदेव ने सोमवार को यहां कहा कि वह 2000 के नोट को नापसंद करते हैं।
इसकी वजह से लोग छोटी मोटी खरीददारी नहीं कर पाते, क्योंकि दुकानदार के पास छुट्टे देने के लिए पैसे नहीं होते। लिहाजा यह नोट हर लिहाज से ठीक नहीं है।
'अब विदेशों में जमा कालेधन पर प्रहार करने की जरूरत'
एक सवाल के जवाब में रामदेव ने कहा कि नोटबंदी के बाद देश में जमा कालेधन पर चोट पहुंची है, लेकिन अब विदेशों में जमा कालेधन पर प्रहार करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अभी दो साल बाकी हैं, उम्मीद है कि विदेश में जमा कालेधन को वापस भारत लाने के लिए मोदी कोई बड़ा कदम उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पद काफी शक्तिशाली होता है। वह कुछ भी कर सकता है। अपनी कोई अलग पार्टी बनाने के सवाल पर रामदेव ने कहा कि ऐसा कोई इरादा नहीं है। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी का समर्थन किया था, क्योंकि देश में राजनीतिक संकट का माहौल था।
मोदी ने भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने का भरोसा दिलाया था। मोदी का अब तक यही रिकार्ड रहा है कि जो कहा था, वो करके दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि शराब पूरी तरह बंद होनी चाहिए, ये महात्मा गांधी का भी सपना था। शराब सामाजिक बुराइयों को जन्म देती है और व्यक्ति को अकर्मण्य बनाती है।
बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि कोई भी राजनीतिक दल स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा नहीं देना चाहता। विदेशी कंपनियों ने देश में 50 लाख करोड़ रुपये के बाजार पर कब्जा जमा रखा है। कोई भी राजनीतिक दल इस मुद्दे को नहीं उठाता क्योंकि सभी विदेशी कंपनियों से चंदा लेते हैं।