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अन्ना हजारे के अनशन का दूसरा दिन, गांव के लोगों ने रखा बंद
Thu, 31 Jan 2019 03:35 PM IST
अजय सिंह
भाषा, रालेगण सिद्धी
भाषा, रालेगण सिद्धी
Published by: अजय सिंह
Updated Thu, 31 Jan 2019 03:35 PM IST
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anna hazare
- फोटो : अमर उजाला
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केन्द्र और महाराष्ट्र में लोकपाल की नियुक्ति तथा किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गांधीवादी नेता अन्ना हजारे का अनशन आज दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी है।
हजारे की मांगों के समर्थन में उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धी में लोगों ने गुरुवार को बंद रखा है। हजारे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में रालेगण सिद्धी में ही अनशन पर बैठे हैं।
केन्द्र में लोकपाल की नियुक्ति और महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून पारित करने का सरकार का आश्वासन पूर नहीं होने को लेकर हजारे बुधवार से ही अनशन पर हैं।
81 वर्षीय हजारे उन सभी राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति की मांग भी कर रहे हैं जहां भ्रष्टाचार-निरोधी संवैधानिक/वैधानिक संस्था मौजूद नहीं है।
हजारे चुनाव सुधारों सहित किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की भी मांग कर रहे हैं।
रालेगण सिद्धी के स्थानीय लोगों ने गुरुवार को सरकारी नुमाईंदे के रूप में तहसीलदार को एक बयान जारी कर हजारे की मांगों पर विचार करने को कहा।
डॉक्टरों ने हजारे की जांच करने के बाद उनकी देखभाल करने वालों को उनपर करीब से नजर रखने को कहा।
डॉक्टरों ने कहा, ‘‘हजारे की उम्र 80 के पार है। उनकी देखभाल जरूरी है।’’
हजारे अपनी मांगों पर बातचीत के लिए सरकार के दूत और मंत्री गिरीश महाजन से मिलने से इंकार कर चुके हैं हालांकि महाजन ने बुधवार को कहा कि हजारे और उनके समर्थकों के साथ बातचीत जारी है।
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उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ना कुछ समाधान निकलेगा।’
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हजारे की मांगों के समर्थन में उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धी में लोगों ने गुरुवार को बंद रखा है। हजारे महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में रालेगण सिद्धी में ही अनशन पर बैठे हैं।
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केन्द्र में लोकपाल की नियुक्ति और महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून पारित करने का सरकार का आश्वासन पूर नहीं होने को लेकर हजारे बुधवार से ही अनशन पर हैं।
81 वर्षीय हजारे उन सभी राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति की मांग भी कर रहे हैं जहां भ्रष्टाचार-निरोधी संवैधानिक/वैधानिक संस्था मौजूद नहीं है।
हजारे चुनाव सुधारों सहित किसानों के हित में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की भी मांग कर रहे हैं।
रालेगण सिद्धी के स्थानीय लोगों ने गुरुवार को सरकारी नुमाईंदे के रूप में तहसीलदार को एक बयान जारी कर हजारे की मांगों पर विचार करने को कहा।
डॉक्टरों ने हजारे की जांच करने के बाद उनकी देखभाल करने वालों को उनपर करीब से नजर रखने को कहा।
डॉक्टरों ने कहा, ‘‘हजारे की उम्र 80 के पार है। उनकी देखभाल जरूरी है।’’
हजारे अपनी मांगों पर बातचीत के लिए सरकार के दूत और मंत्री गिरीश महाजन से मिलने से इंकार कर चुके हैं हालांकि महाजन ने बुधवार को कहा कि हजारे और उनके समर्थकों के साथ बातचीत जारी है।
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उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ना कुछ समाधान निकलेगा।’