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Pune: पवार बोले-वाइनरी को बढ़ावा देने के लिए सुपरमार्केट में शराब बेचने का फैसला अच्छा, लागू नहीं किया गया

Sun, 28 Aug 2022 08:16 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 28 Aug 2022 08:16 PM IST
सार

जनवरी माह में प्रदेश की सुपरमार्केट और वॉक-इन स्टोर पर शराब की बिक्री की अनुमति देने का फैसला लिया गया था। उस दौरान राज्य की पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की सरकार थी।

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sharad Pawar said maha govt took good decision to sell wine in supermarkets, but it wasn't implemented
एनसीपी प्रमुख शरद पवार - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पुणे में रविवार को महाराष्ट्र राज्य द्राक्ष बगैतदार संघ (एमआरडीबीएस) की तरफ से अंगूर की खेती पर आधारित एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि राज्य की पिछली सरकार ने शराब को सुपरमार्केट में बेचने का बेहतरीन निर्णय लिया था। इससे फल आधारित वाइनरी को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों को भी फायदा होता, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने राज्य में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए चिंता भी जाहिर की। 
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जनवरी माह में प्रदेश की सुपरमार्केट और वॉक-इन स्टोर पर शराब की बिक्री की अनुमति देने का फैसला लिया गया था। उस दौरान राज्य की पिछली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की सरकार थी। जिसमें राकांपा भी एक घटक थी। हालांकि, बाद में फैसले को चुनौती देते हुए एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि यह शराब की खपत को कम करने के उद्देश्य और उद्देश्य को हरा देगा और किसी व्यक्ति को बिना किसी पर्यवेक्षण के शराब खरीदने की सुविधा प्रदान करेगा। उधर, जून में शिवसेना विधायकों की तरफ से बगावत करने के बाद एमवीए सरकार गिर गई।
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पवार ने महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया
राकांपा प्रमुख शरद पवार ने कहा कि, किसानों की आत्महत्या करने का मामला दिल दहला देने वाला है। अगर अर्थव्यवस्था ठीक नहीं होती है, तो किसान को इस रास्ते को नहीं चुनना चाहिए। इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। पवार ने कहा कि वह अंगूर बाजार को बढ़ावा देने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों के साथ बातचीत करेंगे।
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अंगूर की खेती कुछ ही हिस्सों तक सीमित नहीं
उन्होंने कहा कि 35,000 से अधिक किसान एमआरडीबीएस का हिस्सा हैं। अंगूर की खेती बड़े स्तर पर की जा रही है। यह राज्य के कुछ विशेष क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में उत्पादित अंगूर का आठ प्रतिशत निर्यात किया जाता है, जबकि 92 प्रतिशत उपज देश के बाजारों में बेचा जाता है। जिससे अंगूर का बाजार मजबूत होगा। 
 
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