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इंटरव्यू | महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री डॉ. राउत बोले, दुबई-अमेरिका से आने वालों की समय से जांच होती तो ठीक होते हालात

Sun, 19 Apr 2020 05:59 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई
सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई Published by: Harendra Chaudhary Updated Sun, 19 Apr 2020 05:59 PM IST
सार

महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री डॉ. राउत मानते हैं कि राज्य की महाविकास आघाड़ी सरकार लॉकडाउन के इस संकट के समय में बहुत कुछ कर रही है। लेकिन कुछ कमियां भी हैं। पेश है इन तमाम मुद्दों पर सुरेन्द्र मिश्र से डॉ. नितिन राउत की बातचीत के कुछ अंश-

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Maharashtra's Energy Minister, Dr. Raut said, if the people coming from Dubai-America were examined in time, then the situation would not have deteriorated
Dr Nitin Raut, Energy Minister, Maharashtra - फोटो : Social Media (File)

विस्तार

महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऊर्जा मंत्री डॉ. नितिन राउत राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात कहने के लिए जाने जाते हैं। सीएए हो या एनआरसी। डॉ. राउत इस पर खुलकर विरोध जताने वाले नेताओं में शामिल हैं।

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हाल ही में लॉकडाउन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बत्तियां बंद कर दीपक जलाने की अपील का उन्होंने न केवल विरोध किया था, बल्कि पॉवर ग्रिड फेल होने की आशंका भी जताई थी।

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प्रश्न- राज्य में कोरोना वायरस का प्रसार नहीं थम रहा है। सरकार कहां कमजोर पड़ रही है।

देखिए, मुंबई न सिर्फ महाराष्ट्र की राजधानी है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी के रूप में भी इसकी पहचान है। मुंबई से अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने भी सर्वाधिक हैं।

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पहले केंद्र सरकार ने चीन और सिंगापुर जैसे कुछ देशों से आने वाले विमान के यात्रियों की टेस्टिंग का निर्देश दिया था। एयरपोर्ट पर उसका पालन किया गया।

लेकिन दुबई, अमेरिका आदि देशों से आने वाले विमान के यात्रियों की समय रहते जांच नहीं हुई जिसके चलते कोरोना का संक्रमण बढ़ा और अब मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर सहित कई शहर कोरोना के हॉटस्पॉट बन चुके हैं।

प्रश्न- विपक्ष का आरोप है कि उद्धव ठाकरे में अनुभव की कमी की वजह से कोरोना के खिलाफ जंग में महाराष्ट्र कमजोर पड़ता जा रहा है।

यह सही नहीं है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में अच्छा काम कर रहे हैं। सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि कोविड-19 की संख्या न बढ़े।

इसके लिए टेस्टिंग का दायरा बढ़ाया गया है। टेस्टिंग किट्स की व्यवस्था, रेंडम डिस्टिंग का काम, जो पॉजिटिव पेशेंट हैं उनके लिए पूरी प्रणाली खड़ी की गई। इसके अलावा जिन्हें क्वरंटीन किया गया है, उनके खाने-पीने से लेकर दवा आदि की व्यवस्था की गई है।

मेरे हिसाब से सप्लाई का काम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में काफी अच्छा हो रहा है। फूड ग्रेन, सब्जियों की सप्लाई बहुत कुछ सरकार कर रही है। मेरे हिसाब से फूड ग्रेंस, वेजिटेबल्स आदि पर काफी अच्छे ढंग से काम हो रहा है। हमारी पूरी कोशिश है कि कोई गरीब भूखा न रहे। फिर भी कहीं-कहीं दिक्कतें आ रही हैं।

प्रश्न- अगर सभी के लिए सरकार काम कर रही है तो फिर बांद्रा में मजदूरों की भीड़ कैसे जमा हो गई।

आपको तो पता ही है कि राज्य में तीन दलों की सरकार है। बांद्रा की घटना तो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बदनाम करने के लिए की गई।

बांद्रा में इकट्ठा हुए मजदूरों ने भी कहा कि उन्हें खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं है। लॉकडाउन का उल्लंघन कर कैसे लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।

प्रश्न- आपको लगता है कि राज्यपाल उद्धव ठाकरे को एमएलसी मनोनीत कर सकते हैं। यदि मनोनीत नहीं किए तो सरकार का क्या भविष्य होगा।

राज्य मंत्रिमंडल ने उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मनोनीत करने के लिए विधिवत प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल के पास भेजा है। मुझे लगता है कि राज्यपाल विशेषज्ञों से इस बारे में कानूनी राय ले रहे होंगे। मुझे विश्वास है कि उद्धव ठाकरे एमएलसी मनोनीत कर लिए जाएंगे।

प्रश्न- बतौर ऊर्जामंत्री लॉकडाउन काल में आपने उपभोक्ताओं के लिए क्या सहूलियतें दी हैं?

हमने ऊर्जा विभाग में काफी काम किए है। इंडस्ट्रियल सेक्टर को राहत दी है। लॉकडाउन पीरियड में मीटर रीडिंग करने से रोक दिया है। जीरो बिल कर दिया। लॉकडाउन तक हमारी सब रियायतें चालू हैं।

लॉकडाउन के बाद बाकी निर्णय लिए जाएंगे। अभी राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए 100 यूनिट बिजली देने की योजना प्रलंबित है।

प्रश्न- राज्य की आर्थिक स्थिति दयनीय है। कोरोना संकट में अब आगे का क्या लक्ष्य है?

यह सचाई है कि राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कोरोना संकट में भी केंद्र सरकार ने कोई आर्थिक मदद नहीं दी।

अब हमारा लक्ष्य 15 अप्रैल को जारी केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक काम करना है। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत ग्रीन और आरेंज जोन में उद्योग शुरू किया जाएगा। राज्य में 15 ग्रीन जोन और 14 आरेंज जोन हैं जहां काम शुरू होगा।
 

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