महाराष्ट्रः ग्राम पंचायतों में प्रशासक की नियुक्ति के आदेश पर मचा सियासी घमासान
- कार्यकर्ता को प्रशासक नियुक्त करने का आदेश वापस ले सरकार- फडणवीस
- भाजपा से बांबे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर कर सकती है याचिका
विस्तार
महाराष्ट्र में जारी कोरोना के कहर के बीच राज्य सरकार ने उन ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश दिया है, जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर में समाप्त होने वाला है। इसे लेकर सूबे की सियासत गर्म हो गई है।
विपक्षी दल भाजपा का आरोप है कि सरकार कार्यकर्ताओं को ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त करना चाहती है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस संबंध में पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश तत्काल वापस लिया जाए।
फडणवीस ने कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए भले ही चुनाव आयोग ने प्रशासक नियुक्त करने की मांग मान ली है, लेकिन ऐसा नहीं कहा है कि कार्यकर्ताओं को प्रशासक नियुक्त किया जाए। उऩ्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार 50 फीसदी ग्राम पंचायतों में कार्यकर्ताओं को प्रशासक नियुक्त करके लोकतांत्रिक परंपरा को नष्ट करना चाहती है। जबकि इसको लेकर अखिल भारतीय सरपंच परिषद ने भी कड़ा विरोध किया है।
कृषि मंडी समिति की तर्ज पर सरपंचों का भी बढ़े कार्यकाल
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार का कहना है कि जिस तरह से राज्य में कृषि मंडी समितियों के अध्यक्षों व निदेशकों का कार्यकाल बढ़ाया गया। जिला सहकारी बैंक, पतसंस्था और सहकारी संस्थाओं का कार्यकाल बढ़ा, उसी तर्ज पर सरपंचों का भी कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
मुनगंटीवार का कहना है कि अगर सरकार ने यह आदेश वापस नहीं लिया, तो दो-तीन दिन में भाजपा की तरफ से बांबे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में इसके खिलाफ याचिका दायर की जाएगी।
प्रभारी मंत्रियों की सिफरिश पर होगी प्रशासक की नियुक्ति
राज्य के ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रिफ ने कहा कि 14,234 ग्राम पंचायतों में प्रभारी मंत्रियों की सलाह पर प्रशासक नियुक्त करने का फैसला किया गया है। ग्राम पंचायतों में उसी श्रेणी (एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और सामान्य) का नियुक्त होगा, जिसके लिए सरपंच की सीट आरक्षित है।
महाराष्ट्र के 19 जिलों में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच समाप्त हो चुका है, जबकि 12,668 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल जुलाई से दिसंबर के बीच समाप्त होने वाला है।