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कोरोना संकटः मुंबई से यूपी-बिहार रवाना हुए तीन हजार ऑटो-टैक्सी

Mon, 11 May 2020 10:09 PM IST
मुकेश कुमार झा सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई Published by: मुकेश कुमार झा Updated Mon, 11 May 2020 10:09 PM IST
सार

बिना परमिट की गई गाड़ियों की वापसी में होगी मुश्किल

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Corona crisis: Three thousand auto-taxis left from Mumbai to UP and Bihar
मुंबई से यूपी-बिहार रवाना हुए ऑटो - फोटो : social media

विस्तार

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में झुग्गी बस्तियों में भी कोरोना वायरस के संक्रमण से दहशत फैल गई है। कोरोना से डरे सहमे प्रवासी घर जाना चाहते हैं लेकिन संख्या अधिक होने के कारण स्पेशल ट्रेनों में भी जगह कम पड़ रही है। ऐसे में लोग पैदल और दूसरे साधन से गांव रवना हो रहे हैं।

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वहीं, मुंबई में काली-पीली ऑटो और टैक्सियां चलाने वालों का एक बड़ा समूह यूपी-बिहार रवाना हो चुका है। मुंबई टैक्सी मैन यूनियन के नेता ए एल क्वाड्रोस का दावा है कि करीब 3000 काली-पीली टैक्सी और ऑटो चालक अपने परिवार को लेकर मुंबई से यूपी-बिहार के लिए रवाना हो गए हैं।
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 क्वाड्रोस ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पिछले एक महीने से भी अधिक समय से जारी लॉकडाउन के चलते सभी ड्राइवर्स की आमदनी बंद है। इससे शहर में गुजारा मुश्किल हो रहा है। चूंकि शहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए लॉकडाउन जल्द खत्म होने की संभावना कम ही दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, झुग्गी बस्तियों के एक कमरे में कई लोगों के साथ रहने से कोरोना संक्रमण का ज्यादा खतरा है। लिहाजा, यहां भूखों मरने की अपेक्षा लोगों ने गांव जाना बेहतर समझा।
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टैक्सियों की वापसी में यूनियन करेगी मदद
क्वाड्रोंस ने कहा कि मुंबई शहर में 20,000 काली-पीली टैक्सी और दो लाख से अधिक ऑटो रिक्शा हैं। ड्राइवरों के पलायन करने के कारण लॉकडाउन हटाए जाने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर काफी असर पड़ेगा। इसलिए जो लोग बिना परमिट अपनी टैक्सी-ऑटों से यूपी-बिहार चले गए हैं। ऐसे लोगों केी वापसी के लिए कागजात आदि बनवाने में टैक्सी मेंस यूनियन उनकी मदद करेगी। क्वाड्रोस ने राज्य परिवहन विभाग से मांग की है कि जो गांव जाने की तैयारी में हैं उन टैक्सी और ऑटो चालकों को परमिट जारी करे। ताकि सभी चालक अपने प्रदेश रवाना हो सकें।


कोरोना संक्रमण और बेरोजगारी के चलते ऑटो से चले गांव- ऑटो चालक
महाराष्ट्र के रजिस्ट्रेशन वाले सैकड़ों ऑटो-टैक्सी आगरा-मुंबई हाइवे पर देखे जा सकते हैं। ठाणे के वागले इस्टेट से ऑटो से जौनपुर निकले विनोद सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण और बेरोजगारी के भय से वह अपनी ऑटो से ही गांव निकल पड़े। विनोद सोमवार को यूपी में प्रवेश किए और शाम को झांसी पहुंचे थे। विनोद के साथ ऑटो से जौनपुर के बधवा बाजार जा रहे पप्पू सिंह ने मध्य प्रदेश के लोगों की दरियादिली का जमकर बखान किया। उन्होंने कहा कि रास्ते में होटल-ढाबा सब बंद है। हालांकि पैसे का भी अभाव है। लेकिन मध्य प्रदेश के लोग और पुलिस ने भी यूपी जाने वाले यात्रियों की कापी मदद की

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