{"_id":"68fd0f2396fbc306133b7182d15582e6","slug":"why-digvijay-singh-angry-to-rahul-gandhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिग्विजय को राहुल गांधी पर गुस्सा क्यों आता है?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिग्विजय को राहुल गांधी पर गुस्सा क्यों आता है?
भोपाल/जयप्रकाश पाराशर
Updated Thu, 29 Aug 2013 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस महासिचव दिग्विजय सिंह के बारे में राजनीतिक हलकों में यह खबर है कि वह कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से खफा हैं और उन्होंने एक पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें राज्य में टिकटों के बंटवारे से अलग रखा जाए।
विज्ञापन
कांग्रेस में ही कुछ लोगों का कहना है कि दिग्विजय सिंह राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत किए जाने को बिलकुल तैयार नहीं हैं?
विज्ञापन
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिग्विजय सिंह कांग्रेस आलाकमान से नाराजगी जाहिर करने की गुस्ताखी कर सकते हैं?
मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस नेता के अनुसार, 'कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखा है, यह तो सच है, लेकिन उसका मजमून या भाषा वह नहीं है, जो प्रचारित किया जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने संभावित मुख्यमंत्री के रूप में नेताओं का नाम लिए जाने पर आपत्ति उठाई है।’
विज्ञापन
कांग्रेस प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने दिग्विजय सिंह के किसी ऐसे पत्र की जानकारी होने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की काम करने की अलग शैली है।
मुख्यमंत्री का नाम न लें
उल्लेखनीय है कि कमलनाथ और सत्यव्रत चतुर्वेदी जैसे नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश में मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट किए जाने की बात खुलकर कह चुके हैं।
दिग्विजय सिंह के ही समर्थक महेश जोशी भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रोजेक्ट करने की बात करते हैं। यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया और म.प्र. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को नागवार गुजर रही है।
कांतिलाल भूरिया तो कई बार कह चुके हैं कि मुख्यमंत्री आदिवासी होगा। यानी वही होंगे। कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे अर्जुनसिंह के पुत्र अजय सिंह भी मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में हैं।
पिछले कुछ महीनों से वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला करने में आगे रहे हैं। प्रदेश में कई स्थानों पर उन्होंनें विधानसभा के मॉक सेशन आयोजित करके राज्य सरकार को घेरा है।
ऐसे वातावरण में चुनाव के पहले मुख्यमंत्री के रूप में किसी एक नेता को प्रोजेक्ट करना कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।
टिकटों का बंटवारा नहीं करेंगे दिग्गी
दिग्विजय सिंह की नाराजगी का दूसरा कारण यह है कि इस बार टिकटों के बंटवारे में राहुल गांधी और उनकी टीम ने प्रमुख नेताओं की भूमिका को सीमित कर दिया है।
वह एक तरफ ब्लॉक अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों, पर्यवेक्षकों आदि से रायशुमारी करवा रहे हैं, दूसरी तरफ स्क्रीनिंग कमेटी से भी जीत की संभावना वाले उम्मीदवारों का पता लगा रहे हैं।
नतीजतन, प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर दिग्विजय समर्थकों के काबिज होने के बाद भी टिकटों में उनकी एकतरफा दखलंदाजी चलने की संभावना नहीं है।
दिग्विजय ने हाल ही भोपाल यात्रा में कॉफी हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान साफ कहा कि वह टिकटों पर कोई राय नहीं देंगे, क्योंकि यह कहा जा रहा है कि बड़े नेता गुटबाजी के कारण चुनाव हराने में अहम रोल अदा करते हैं।
ज्योतिरादित्य के नाम की घोषणा जल्द
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय सिंह की कथित नाराजगी का कोई अर्थ नहीं है। कांग्रेस में कोई भी नाराजगी 24 अकबर रोड तक भले ही पहुंच जाए, 10 जनपथ पर घुटनों के बल रेंगने लगती है।
आगामी 6 सितंबर को राज्य की चुनाव समिति की बैठक होने वाली है और उसके पहले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रचार समिति (कैंपेन कमेटी) का अध्यक्ष बनाया जा सकता है ताकि वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर्सनैलिटी कल्ट का मुकाबला कर सकें।
