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Umaria News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में भालू के हमले में घायल हुआ ग्रामीण, वन विभाग टीम ने पहुंचाया अस्पताल
Sun, 01 Jun 2025 07:46 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jun 2025 07:46 PM IST
सार
घटना के बाद वन विभाग ने तुरंत आर्थिक सहायता दी है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों में दहशत है और वन विभाग ने जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
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भालू। (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र में रविवार को एक जंगली भालू ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब कुदरी गांव निवासी भैया लाल बैगा रोजमर्रा की जरूरत के लिए जंगल से लकड़ी बीनने खोहरी के जंगल पहुंचा था। उसी दौरान अचानक एक भालू ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले में भैया लाल के सिर और कंधे पर गहरी चोटें आई हैं। मौके पर आसपास कोई नहीं था, लेकिन घायल अवस्था में किसी तरह उसने शोर मचाया, जिससे कुछ अन्य ग्रामीण वहां पहुंचे और घटना की जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही बीटीआर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को उठाकर मानपुर अस्पताल लाया गया।
मानपुर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए शहडोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन शरीर पर गंभीर घाव होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है। मानपुर बफर परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश अहिरवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक आकस्मिक मुठभेड़ थी। घटना के बाद से संबंधित क्षेत्र में वन विभाग की गश्त को बढ़ा दिया गया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी बताया कि भैया लाल की देखभाल के लिए एक वनरक्षक को अस्पताल में उसके साथ भेजा गया है।
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वन विभाग ने तत्काल सहायता स्वरूप घायल भैया लाल बैगा को ₹5,000 की आर्थिक राहत राशि प्रदान की है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आगे की मदद नियमानुसार दी जाएगी। साथ ही, घायल के परिवार को भी आश्वासन दिया गया है कि वन विभाग हर संभव सहयोग करेगा। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांववासियों ने मांग की है कि जंगल के आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को सुरक्षित मार्गों और तरीकों की जानकारी दी जाए, जिससे ऐसे हमलों से बचा जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और समूह में ही लकड़ी या अन्य वन उत्पादों के लिए प्रवेश करें। साथ ही, भालू जैसे वन्यजीवों की उपस्थिति की सूचना विभाग को तत्काल दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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मानपुर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए शहडोल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन शरीर पर गंभीर घाव होने के कारण उसे निगरानी में रखा गया है। मानपुर बफर परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश अहिरवार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक आकस्मिक मुठभेड़ थी। घटना के बाद से संबंधित क्षेत्र में वन विभाग की गश्त को बढ़ा दिया गया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी बताया कि भैया लाल की देखभाल के लिए एक वनरक्षक को अस्पताल में उसके साथ भेजा गया है।
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वन विभाग ने तत्काल सहायता स्वरूप घायल भैया लाल बैगा को ₹5,000 की आर्थिक राहत राशि प्रदान की है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि आगे की मदद नियमानुसार दी जाएगी। साथ ही, घायल के परिवार को भी आश्वासन दिया गया है कि वन विभाग हर संभव सहयोग करेगा। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गांववासियों ने मांग की है कि जंगल के आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को सुरक्षित मार्गों और तरीकों की जानकारी दी जाए, जिससे ऐसे हमलों से बचा जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और समूह में ही लकड़ी या अन्य वन उत्पादों के लिए प्रवेश करें। साथ ही, भालू जैसे वन्यजीवों की उपस्थिति की सूचना विभाग को तत्काल दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
