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Umaria: हत्या के जुर्म में बाप और बेटे को उम्रकैद, छह वर्ष पहले हुए जघन्य हत्याकाण्ड में अदालत ने सुनाया फैसला
Fri, 18 Aug 2023 05:16 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत
Updated Fri, 18 Aug 2023 05:16 PM IST
सार
उमरिया जिले के पिता और उसके पुत्र को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। छह साल पहले जघन्य हत्याकांड में अदालत ने फैसला दिया है। जहां दोनों को आजीवन कारावास में रहना पड़ेगा।
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जिला एवं सत्र न्यायालय, उमरिया ( म. प्र.)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र में करीब छह साल पहले हुए हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पिता और पुत्र को दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्ररकैद की सजा सुनाई है।
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जानकारी के मुताबिक एडीपीओ नीरज पाण्डेय ने बताया कि साल 2017 के 21 अक्टूबर की रात आरोपी लालमन सिंह गोड़ और उसके बेटे नानबाबू ने टंगिया और लाठी से संतोष यादव की नृशंस हत्या कर दी थी। आरोपियों द्वारा मृतक के सांथ मारपीट की घटना को विकास यादव, राम यादव और रामशरण सिंह गोंड ने भी देखा था। लेकिन रात होने और मोबाईल सिग्नल न मिलने के कारण उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई। सुबह जब गवाह घटना स्थल पर आये तो देखा कि संतोष यादव की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस ने अभियुक्त लालमन सिंह एवं नानबाबू सिंह के विरुद्ध थाना पाली मे धारा 302 व 34 का अपराध पंजीबद्ध किया। सम्पू्र्ण विवेचना के पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया। शासन द्वारा इस प्रकरण को जघन्य व सनसनीखेज अपराध के रूप मे चिन्हित किया गया। प्रकरण मे अभियोजन की ओर से पैरवी एडीपीओ केआर पटेल द्वारा की गई। प्रकरण के सूक्ष्म परिशीलन के उपरांत दोषसिद्ध पाए जाने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने पिता-पुत्र लालमन सिंह एवं धमेन्द्र उर्फ नान बागू को धारा 302 व सहपठित धारा 34 के अपराध मे आजीवन कारावास और 1000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं।
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