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MP News: उमरिया में बाघ की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, पर्यटकों के लिए बंद हुआ पन्ना टाइगर रिजर्व
Mon, 01 Jul 2024 05:25 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया/पन्ना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया/पन्ना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 01 Jul 2024 05:25 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में बीरसिंहपुर पाली रेंज के मंगठार बीट में एक बाघ की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। वहीं, पन्ना जिले में स्थित पन्ना टाइगर रिजर्व अब पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
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उमरिया में बाघ की मौत, पन्ना टाइगर रिजर्व बंद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया वन मंडल उमरिया के बीरसिंहपुर पाली रेंज के मंगठार बीट में करीब पांच साल के मेल टाइगर की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। पाली SDO दिगेन्द्र सिंह ने बताया, पाली रेंज के मंगठार बीट के कक्ष क्रमांक RF-555 सुन्दर दादार के घाटा टोला में नर बाघ का शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर जाकर देखा गया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। देर होने के कारण और चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंच पाने के कारण मृत बाघ के पास वन विभाग की टीम तैनात कर दी गई है।
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जबलपुर और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम पहुंच कर मृत बाघ का पोस्टमॉर्टम करेगी, तभी मृत्यु के कारणों का सही पता चल सकेगा। वैसे प्रथम दृष्टया दो बाघों की आपसी लड़ाई प्रतीत हो रही है। मृत बाघ के शरीर के सारे अवयव मौजूद हैं। पोस्टमॉर्टम के बाद सक्षम अधिकारियों के समक्ष उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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गौरतलब है कि जिले में कहीं भी और कभी भी बाघों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आता है तो बस एक ही बात सामने आती है कि आपसी लड़ाई में मौत हो गई। जबकि दूसरे टाइगर का कहीं पता नहीं चलता है। कुछ महीने या कुछ साल बाद शिकारी पकड़े जाते हैं कि इन व्यक्तियों द्वारा बाघ का अवैध शिकार किया गया था और वन विभाग खामोश रहता है।
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पन्ना टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए बंद, एक जुलाई से 30 सितंबर तक
देश-दुनिया में पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की बढ़ती हुई संख्या के लिए जाना जाता है। पन्ना टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों को आसानी से बाघों के दीदार हो जाते हैं। यही कारण है कि देश के साथ-साथ पन्ना टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। लेकिन इस बार सीजन में पन्ना टाइगर रिजर्व में रिकॉर्ड तोड़ आय प्राप्त हुई है।
छह करोड़ से अधिक की आय
पन्ना टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के इतिहास में पहली बार दो लाख से अधिक देशी एवं विदेशी पर्यटकों ने यहां शिरकत की है। इससे पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन को छह करोड़ से अधिक रुपये की आय प्राप्त हुई है, जो कि अब तक प्राप्त आयों में सबसे अधिक है।
टाइगर परिवार और उनका कुनबा रहा आकर्षण का केंद्र
इस बार टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को टाइगर अपने बच्चों के साथ दिखाई दिए, जो कि बड़ा ही रोमांचकारी अनुभव रहा है। इस दौरान कई बार 4-5 टाइगर और शावक भी देखे गए, जो बड़ा ही आकर्षण का केंद्र रहा है। बता दें कि यहां बाघ आसानी से पर्यटकों को दिखे और देशी व विदेशी पर्यटकों ने जमकर इन बाघों उनके बच्चों की अठखेलियों का लुफ्त उठाया। इसके साथ ही पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता गेट से बाघिन पी-652 व उसके शावक आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, मडला गेट में बाघिन पी-151 व उसके चार शावक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
फील्ड डायरेक्टर ने बताया...
पन्ना टाइगर रिजर्व की फील्ड डायरेक्टर अंजना सूचिता तिर्की ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ाने के साथ यहां भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। पर्यटन सीजन में टाइगर रिजर्व के इतिहास में सबसे अधिक दो लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे। इनमें पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन को छह करोड़ से भी अधिक की आय प्राप्त हुई है। यह आंकड़ा एक अक्तूबर 2023 से 30 मई 2024 जून तक का टाइगर रिजर्व को प्राप्त होने वाली अब तक की सबसे अधिक आय है। उन्होंने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व से जो भी आए प्राप्त हुई है, उसमें से 10 प्रतिशत इको टूरिज्म बोर्ड को दिया जाएगा और 33 फ़ीसदी यहां की इको विकास समितियां के गांव में विकास और शेष राशि टाइगर रिजर्व के विकास में ही खर्च की जाएगी।
47 डिग्री तापमान के बाबजदू टिकट रहे फुल और पर्यटक आते रहे
बताया कि इस बार 47 डिग्री के बढ़ते तापमान के बावजूद इसके टाइगर रिजर्व के टिकट फुल रहे और पर्यटक आते रहे। इस सब का श्रेय हमारे बढ़ते टाइगर परिवार और उनके कुनबे और टाइगर रिजर्व के सफल प्रबंधन को जाता है। वहीं, अब इसके साथ पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन के गेट बारिश की वजह से एक जुलाई से पर्यटकों के लिए बंद कर दिये जा रहे हैं।
