Umaria News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चीतल का शिकार करने वाले तीन शिकारी गिरफ्तार, तीन आरोपी अब भी फरार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज में चीतल के शिकार के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन फरार हैं। आरोपियों ने क्लच वायर से फंदा बनाकर शिकार किया था। वन विभाग ने मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व अंतर्गत खितौली रेंज के छिपियाडॉड क्षेत्र में चीतल के शिकार की एक गंभीर घटना प्रकाश में आई है। वन विभाग की सक्रियता के चलते तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं। विभाग ने उनके खिलाफ तलाश अभियान तेज कर दिया है।
यह घटना खितौली रेंज के आरएफ 380 क्षेत्र, बीट डोभा के जंगल में घटित हुई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोरेलाल बैगा, राममिलन बैगा और दिनेश बैगा के रूप में हुई है, जो सभी गढ़पुरी गांव के निवासी हैं। आरोप है कि आरोपियों ने क्लच वायर से फंदा बनाकर एक चीतल का शिकार किया और उसे जंगल में ही काटकर उसके मांस को घर ले गए। इस जघन्य कृत्य से वन्यजीव संरक्षण कानून का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है।
ये भी पढ़ें- 'सुपर मॉम' बाघिन ने शावक को सिखाए जंगल के गुर, वीडियो वायरल
वन विभाग को जब घटना की सूचना मिली तो तत्काल एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। जांच के दौरान टीम को जंगल में रक्तरंजित ठूंठ, चीतल का सिर और शिकार में इस्तेमाल किया गया क्लच वायर का फंदा मिला। साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 1674/25 के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों को 28 अप्रैल को न्यायालय उमरिया में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की टीम संभावित इलाकों में लगातार दबिश दे रही है। विभाग का कहना है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें- चीतलों के बीच भी दिखा शक्ति संघर्ष, खितौली में कैमरे में कैद हुई दुर्लभ वीडियो
इस संपूर्ण कार्रवाई में परिक्षेत्र अधिकारी खितौली एवं पतौर, परिक्षेत्र सहायक गढ़पुरी, बीटगार्ड डोभा, रंछा, गढ़पुरी, उमरिया बकेली सहित अन्य वनकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
