{"_id":"65d06d3b10d54977400c8f14","slug":"bandhavgarh-tiger-reserve-mother-bear-was-riding-her-children-on-her-back-video-surfaced-2024-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bandhavgarh Tiger Reserve: बच्चों को पीठ पर बिठाया और सैर पर निकली मां भालू, वीडियो आया सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bandhavgarh Tiger Reserve: बच्चों को पीठ पर बिठाया और सैर पर निकली मां भालू, वीडियो आया सामने
Sat, 17 Feb 2024 02:01 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 17 Feb 2024 02:01 PM IST
सार
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक मादा भालू अपने बच्चों को पीठ की सवारी करवा रही है। यह वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हो गया है।
विज्ञापन
अपने बच्चों को लेकर सैर पर निकली मां भालू।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में केवल बाघ ही नहीं बल्कि कई जानवरों की साइटिंग हो रही है। हाल ही में सफारी के दौरान पर्यटकों को मादा भालू नजर आई, जिसने अपनी पीठ पर अपने बच्चे बिठा रखे थे। ऐसा लग रहा है मानो मां भालू अपने बच्चों को पीठ पर बिठाकर सैर पर निकली है।
यह वीडियो एक पर्यटक ने बनाया और सामने आया है। यह वीडियो मगधी ज़ोन का बताया जा रहा है। वहां इससे पहले भी भालू को उसके बच्चों के साथ देखा गया है। अब यह नया वीडियो सामने आने के बाद से पर्यटक रोमांचित है। बांधवगढ़ में बाघ के साथ-साथ अन्य जानवरों की साइटिंग उन्हें रोमांचित कर रही है।
विज्ञापन
जीव-जंतुओं से समृद्ध है बांधवगढ़
बांधवगढ़ यूं तो अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं, जिनमें से 165 का घर बांधवगढ़ है। 1536 वर्ग किमी के जंगल में बाघों की संख्या 124 से बढ़कर 165 हुई है। इस पार्क में स्तनधारी प्राणियों की 35 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भेड़िया, भारतीय लोमड़ी, जंगली बिल्ली, लंगूर, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, भालू, रेडी मैंगोज, ग्रे मैंगोज, रैटल, साही, रीसस मकाक, चित्तीदार हिरण, भौंकने वाला हिरण, चीतल , सांभर, नीलगाय, चौसिंघा और चिंकारा मिल जाते हैं। 1998 में स्थानीय स्तर पर विलुप्त हो चुके गौर (जंगली भैसा) को कान्हा से यहां लाकर सफलतापूर्वक बसाया गया है। इसके अलावा यहां लगभग 240 पक्षी-जीव प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं: गिद्ध, ग्रेब्स, जलकाग, बत्तख, किंगफिशर, बगुले, बगुला, सारस, हॉर्नबिल, बारबेट, कठफोड़वा और फ्लाईकैचर। सारस मानसून के दौरान नवंबर माह तक दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
Bandhavgarh Tiger Reserve: बच्चों को पीठ की सवारी कर रही थी मां भालू, वीडियो आया सामनेhttps://t.co/V2FeuYff8Z pic.twitter.com/l38wNBAI3F
— Ravindra Bhajni (@ravibhajni) February 17, 2024
विज्ञापन
यह वीडियो एक पर्यटक ने बनाया और सामने आया है। यह वीडियो मगधी ज़ोन का बताया जा रहा है। वहां इससे पहले भी भालू को उसके बच्चों के साथ देखा गया है। अब यह नया वीडियो सामने आने के बाद से पर्यटक रोमांचित है। बांधवगढ़ में बाघ के साथ-साथ अन्य जानवरों की साइटिंग उन्हें रोमांचित कर रही है।
विज्ञापन
जीव-जंतुओं से समृद्ध है बांधवगढ़
बांधवगढ़ यूं तो अपने बाघों के लिए प्रसिद्ध है। मध्य प्रदेश में 785 बाघ हैं, जिनमें से 165 का घर बांधवगढ़ है। 1536 वर्ग किमी के जंगल में बाघों की संख्या 124 से बढ़कर 165 हुई है। इस पार्क में स्तनधारी प्राणियों की 35 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं। यहां बड़ी संख्या में तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भेड़िया, भारतीय लोमड़ी, जंगली बिल्ली, लंगूर, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, भालू, रेडी मैंगोज, ग्रे मैंगोज, रैटल, साही, रीसस मकाक, चित्तीदार हिरण, भौंकने वाला हिरण, चीतल , सांभर, नीलगाय, चौसिंघा और चिंकारा मिल जाते हैं। 1998 में स्थानीय स्तर पर विलुप्त हो चुके गौर (जंगली भैसा) को कान्हा से यहां लाकर सफलतापूर्वक बसाया गया है। इसके अलावा यहां लगभग 240 पक्षी-जीव प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं: गिद्ध, ग्रेब्स, जलकाग, बत्तख, किंगफिशर, बगुले, बगुला, सारस, हॉर्नबिल, बारबेट, कठफोड़वा और फ्लाईकैचर। सारस मानसून के दौरान नवंबर माह तक दिखाई देते हैं।
