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Ujjain News: दीपावली के पहले उज्जैन में दिखा यह अनोखा सांप, तंत्र क्रिया में आता है काम; करोड़ों में है कीमत
Thu, 16 Oct 2025 08:56 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 08:56 AM IST
सार
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा। वन रक्षक संजय तिवारी ने बताया कि यह रेड सैंड बोआ प्रजाति का सांप है जो विषहीन होता है और आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाता।
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दो मुंह वाला सांप रेडसैंड बोआ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उज्जैन जिले की बड़नगर कृषि उपज मंडी में दो मुंह वाला सांप रेडसैंड बोआ मिलने से हड़कंप मच गया। उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप का रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा है। माना जाता है कि इस तरह की प्रजाति के सांप की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग होती है।
बड़नगर मंडी में खरीदारी के दौरान व्यापरियों को दो मुंह वाला सांप रेडसैंड बोआ दिखा। जिसके बाद उदय कैथवास नामक युवक ने सांप को पकड़ लिया। दो मुंह वाले सांप को तस्करों से बचाने के लिए अनाज व्यापारियों ने वन विभाग के कर्मचारी को इसके बारे में बताया। साथ ही सांप को एक थैली में भरकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया। वन विभाग को मिली खबर के बाद टीम ने सांप का रेस्क्यू कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान वन विभाग के वन रक्षक संजय तिवारी ने बताया कि ये रेडसैंड बोआ सांप है जो एक मुंह का होता है। ये किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाता है। हमने भी सुना है कि लोग इसका दवाई बनाने और तंत्र क्रिया के लिए दुरुपयोग करते हैं। आपने बताया कि इस सांप की कीमत अंर्तराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में होती है।
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विलुप्ति के कगार पर है यह सांप
दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ सांप कम ही देखने को मिलता है। इस सांप का उपयोग नशे की दवा और आयुर्वेद में किया जाता है। यही वजह है कि इसे करोड़ों में खरीदा-बेचा जाता है। इसकी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। तांत्रिक क्रियाओं में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से यह सांप अब विलुप्ति के कगार पर है।
दो मुंह नहीं पूछ दिखती है मुंह जैसी
लोग कहते हैं कि इस अनोखे सांप के दो मुंह होते हैं, लेकिन हकीकत यह नहीं है। सैंड बोआ सांप की पूंछ इसके मुंह की तरह दिखती है, जिस वजह से ऐसा लगता है कि इस सांप के दो मुंह हैं। यही वजह है कि इसे दोमुंहा सांप कहा जाता है। बड़नगर कृषि उपज मंडी में जब सैंड बोआ दिखाई दिया, तो इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर उदय कैथवास नामक युवक ने सांप को पकड़ लिया। उसने सांप को एक बोरे में भरकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया। सांप को तस्करों से बचाने के लिए अनाज व्यापारी ने वन विभाग के एक कर्मचारी को इसके बारे में बताया।
अंर्तराष्ट्रीय बाजार में है डिमांड
दुनिया में दोमुंहा सांप रेड सैंड बोआ को बेहद दुर्लभ वन्य जीव माना जाता है। भारत के वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इन सांपों को दुर्लभ करार दिया गया है। कई लोग इनका इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं के लिए करते हैं। भारत में पाए जाने वाले इस सांप की अंर्तराष्ट्रीय कीमत करोड़ों में आंकी जाती है।
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बड़नगर मंडी में खरीदारी के दौरान व्यापरियों को दो मुंह वाला सांप रेडसैंड बोआ दिखा। जिसके बाद उदय कैथवास नामक युवक ने सांप को पकड़ लिया। दो मुंह वाले सांप को तस्करों से बचाने के लिए अनाज व्यापारियों ने वन विभाग के कर्मचारी को इसके बारे में बताया। साथ ही सांप को एक थैली में भरकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया। वन विभाग को मिली खबर के बाद टीम ने सांप का रेस्क्यू कर उसे अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान वन विभाग के वन रक्षक संजय तिवारी ने बताया कि ये रेडसैंड बोआ सांप है जो एक मुंह का होता है। ये किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाता है। हमने भी सुना है कि लोग इसका दवाई बनाने और तंत्र क्रिया के लिए दुरुपयोग करते हैं। आपने बताया कि इस सांप की कीमत अंर्तराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में होती है।
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विलुप्ति के कगार पर है यह सांप
दुर्लभ प्रजाति का रेड सैंड बोआ सांप कम ही देखने को मिलता है। इस सांप का उपयोग नशे की दवा और आयुर्वेद में किया जाता है। यही वजह है कि इसे करोड़ों में खरीदा-बेचा जाता है। इसकी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। तांत्रिक क्रियाओं में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से यह सांप अब विलुप्ति के कगार पर है।
दो मुंह नहीं पूछ दिखती है मुंह जैसी
लोग कहते हैं कि इस अनोखे सांप के दो मुंह होते हैं, लेकिन हकीकत यह नहीं है। सैंड बोआ सांप की पूंछ इसके मुंह की तरह दिखती है, जिस वजह से ऐसा लगता है कि इस सांप के दो मुंह हैं। यही वजह है कि इसे दोमुंहा सांप कहा जाता है। बड़नगर कृषि उपज मंडी में जब सैंड बोआ दिखाई दिया, तो इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर उदय कैथवास नामक युवक ने सांप को पकड़ लिया। उसने सांप को एक बोरे में भरकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया। सांप को तस्करों से बचाने के लिए अनाज व्यापारी ने वन विभाग के एक कर्मचारी को इसके बारे में बताया।
अंर्तराष्ट्रीय बाजार में है डिमांड
दुनिया में दोमुंहा सांप रेड सैंड बोआ को बेहद दुर्लभ वन्य जीव माना जाता है। भारत के वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इन सांपों को दुर्लभ करार दिया गया है। कई लोग इनका इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं के लिए करते हैं। भारत में पाए जाने वाले इस सांप की अंर्तराष्ट्रीय कीमत करोड़ों में आंकी जाती है।
