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Ujjain News: मां शीतला के दरबार में लगी महिलाओं की कतार, देर रात से शुरू हुआ पूजन-अर्चन
Tue, 14 Mar 2023 10:31 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 14 Mar 2023 10:31 AM IST
सार
शीतला सप्तमी पर उज्जैन में महिलाओं ने रात से ही पूजन-अर्चन शुरू कर दिया है। शीतला सप्तमी पर चूल्हा नहीं जलता और बासी भोजन ही किया जाता है।
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उज्जैन में शीतला सप्तमी का पूजन करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
घर परिवार में सुख-समृद्धि तथा संक्रामक रोगों की निवृत्ति की कामना के साथ मंगलवार अलसुबह से महिलाओं की लंबी0लंबी कतार लग गई थी जो कि शीतला माता का पूजन-अर्चन कर विशेष रूप से बनाए ठंडे भोजन का भोग लगाने मंदिर में पहुंची थी।
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चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर मंगलवार को शीतला सप्तमी का पर्व मनाया गया। महिलाओं ने घर-परिवार में सुख-समृद्धि तथा संक्रामक रोगों की निवृत्ति की कामना से शीतला माता का पूजन किया। मान्यता है कि इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता। नगरवासी एक दिन पहले बनाया ठंडा भोजन प्रसाद स्वरूप ग्रहण करते हैं। शीतला सप्तमी से ही ग्रीष्म ऋतु में ठंडा भोजन व पेय पदार्थों के सेवन की शुरुआत होती है।
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दोपहर 12 बजे के पहले पूजन का है विधान
यह पूजन मध्य रात्रि से शुरू हो गया क्योंकि पूजन में शीतला माता को ठंडी पूजा चढ़ाई जाती है। पूजन का समय भी दोपहर बारह बजे से पहले तक रहता है। इसी के चलते महिलाओं ने मंगलवार सुबह शीतला पूजन किया जो मंगलवार दोपहर तक जारी रहा। शहर के शीतला माता मंदिर में साज सज्जा व श्रद्धालुओं की सुविधा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
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ठंड से होने वाली बीमारियां नहीं होती
इस व्रत में एक दिन पहले बना भोजन ग्रहण किया जाता है। इसे बसौड़ा, बसियौरा व बसोरा भी कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन ठंडा भोजन करने से ठंड से होने वाली बीमारियां नहीं होती। और भी कई मान्यताएं इस पर्व से जुड़ी हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं।
