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Ujjain Mayor Election: कोर्ट के निेर्देश- याचिका निराकरण तक डीएमएम मशीन सुरक्षित रखो, अगली सुनवाई 23 जनवरी को
Thu, 22 Dec 2022 11:13 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 22 Dec 2022 11:13 PM IST
सार
कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विधायक महेश परमार ने चुनाव याचिका के दौरान एक आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। बताया था कि चुनाव के 6 माह प्रयुक्त मशीन का डाटा नष्ट कर दिया जाता है। अत: इसे याचिका के निपटान तक सुरक्षित रखा जाए। इस पर कोर्ट ने निर्देश दिए हैं।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उज्जैन महापौर चुनाव को लेकर लगाई गई याचिका में नया मोड़ आ गया है। याचिकाकर्ता महेश परमार के एक आवेदन पर कोर्ट ने निर्देश जारी किए हैं कि याचिका के अंतिम निराकरण तक चुनाव के परिणाम संबंधी डीएमएम मशीन डाटा सुरक्षित रखा जाए।
बता दें कि गत जुलाई में उज्जैन नगर निगम के महापौर पद के चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा के मुकेश टटवाल को विजयी बताया गया है। कांग्रेसे के प्रत्याशी रहे महेश परमार ने परिणामों को लेकर याचिका दाखिल की है। इसकी सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके वाणी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को याचिका के अंतिम निराकरण तक चुनाव के परिणाम संबंधी डीएमएम मशीन डाटा सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट विवेक गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी विधायक महेश परमार ने चुनाव याचिका के दौरान एक आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था कि चुनाव के 6 माह कालावधि पूर्ण होने के बाद प्रयुक्त मशीन का डाटा नष्ट कर दिया जाता है। अत: इसे याचिका के निपटान तक सुरक्षित रखा जाए। जिला न्यायालय ने विधायक महेश परमार का आवेदन स्वीकार कर आज गुरुवार को यह आदेश पारित कर दिए। प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर अभिभाषक रसिक सुगंधि ने पैरवी की। अगली सुनवाई 23 जनवरी को नियत हुई है।
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गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में अलग-अलग चरणों में हुए नगरीय निकायों चुनाव के पहले चरण में 6 जुलाई को उज्जैन में वोटिंग हुई थी। 17 जुलाई को उसके नतीजे आए थे। कांग्रेस के महेश परमार को महापौर पद के लिए एक लाख 33 हजार 358 वोट मिले थे और महेश परमार को 736 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मतगणना स्थल पर हंगामा हुआ था और कांग्रेस नेता और प्रशासन आमने-सामने हो गए थे। महेश परमार ने आरोप लगाया था कि पहले जीत की घोषणा की उसके बाद परिणामों को बदलकर बीजेपी के उम्मीदवार मुकेश टटवाल को जीता हुआ घोषित कर दिया था। इसके बाद कोर्ट में लगाई गई याचिका में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। साथ ही याचिका में कोर्ट की निगरानी में पुन: मतगणना की मांग की गई थी।
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बता दें कि गत जुलाई में उज्जैन नगर निगम के महापौर पद के चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा के मुकेश टटवाल को विजयी बताया गया है। कांग्रेसे के प्रत्याशी रहे महेश परमार ने परिणामों को लेकर याचिका दाखिल की है। इसकी सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके वाणी ने जिला निर्वाचन अधिकारी को याचिका के अंतिम निराकरण तक चुनाव के परिणाम संबंधी डीएमएम मशीन डाटा सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।
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प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट विवेक गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी विधायक महेश परमार ने चुनाव याचिका के दौरान एक आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था कि चुनाव के 6 माह कालावधि पूर्ण होने के बाद प्रयुक्त मशीन का डाटा नष्ट कर दिया जाता है। अत: इसे याचिका के निपटान तक सुरक्षित रखा जाए। जिला न्यायालय ने विधायक महेश परमार का आवेदन स्वीकार कर आज गुरुवार को यह आदेश पारित कर दिए। प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर अभिभाषक रसिक सुगंधि ने पैरवी की। अगली सुनवाई 23 जनवरी को नियत हुई है।
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गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में अलग-अलग चरणों में हुए नगरीय निकायों चुनाव के पहले चरण में 6 जुलाई को उज्जैन में वोटिंग हुई थी। 17 जुलाई को उसके नतीजे आए थे। कांग्रेस के महेश परमार को महापौर पद के लिए एक लाख 33 हजार 358 वोट मिले थे और महेश परमार को 736 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद मतगणना स्थल पर हंगामा हुआ था और कांग्रेस नेता और प्रशासन आमने-सामने हो गए थे। महेश परमार ने आरोप लगाया था कि पहले जीत की घोषणा की उसके बाद परिणामों को बदलकर बीजेपी के उम्मीदवार मुकेश टटवाल को जीता हुआ घोषित कर दिया था। इसके बाद कोर्ट में लगाई गई याचिका में दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। साथ ही याचिका में कोर्ट की निगरानी में पुन: मतगणना की मांग की गई थी।
