फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The photo of peak of temple removed from box of Baba Mahakal's Prasad packet

Ujjain News: बाबा महाकाल के प्रसादी पैकेट के डिब्बे से हटा मंदिर के शिखर की फोटो, अब नए पैकेट में मिल रहा

Mon, 14 Oct 2024 08:44 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 14 Oct 2024 08:44 AM IST
सार

19 अप्रैल को संत समाज समेत अन्य ने इंदौर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि महाकाल मंदिर के शिखर की तस्वीर लड्डू प्रसादी के पैकेट पर छपती है, यह पैकेट सड़कों और कचरे में मिलते हैं, इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

विज्ञापन
The photo of peak of temple removed from box of Baba Mahakal's Prasad packet
लड्डू प्रसादी का नया पैकेट जिससे महाकाल मंदिर के शिखर का फोटो हटा दिया गया है

विस्तार

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मिलने वाले लड्डू प्रसाद के पैकेट से महाकाल मंदिर के शिखर की तस्वीर को हटा दिया गया है। इस बदलाव के पीछे इंदौर के महंतों और संतों द्वारा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पैकेट पर शिखर की तस्वीर छापने से सनातन धर्म का अपमान हो रहा है क्योंकि भक्त इन पैकेट्स को उपयोग के बाद फेंक देते हैं।

विज्ञापन

दरअसल, 19 अप्रैल को महंत सुखदेवानंद ब्रह्मचारी, महंत योगानंद जी, ब्रह्मचारी शंभु पंच अग्नि, पंडित शरद कुमार मिश्र समेत स्वामी राधाकान्ताचार्य जी महाराज श्री दुर्गाशक्ति पीठ ने इंदौर हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि महाकाल मंदिर के शिखर की तस्वीर लड्डू प्रसादी के पैकेट पर छपती है, और जब लोग इन पैकेट्स को फेंक देते हैं, तो यह तस्वीर सड़कों और कचरे में मिलती है, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

विज्ञापन

उनका मानना था कि इससे सनातन धर्म का अपमान हो रहा है, इसलिए यह तस्वीर पैकेट से हटाई जानी चाहिए। इंदौर हाई कोर्ट में इस याचिका पर 24 अप्रैल 2024 को सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं की शिकायत सही है। कोर्ट ने महाकाल मंदिर प्रबंध समिति को तीन महीने के भीतर इस मुद्दे का समाधान करने का निर्देश दिया था। इस पूरे मामले पर मंदिर समिति के तत्कालीन प्रशासक मृणाल मीणा ने याचिकाकर्ताओं को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर मंदिर समिति के समक्ष विचार करेंगे और तीन महीने के भीतर पैकेट की डिजाइन में बदलाव करेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि याचिकाकर्ताओं की मांग जायज है और मंदिर समिति को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, चार महीने बीत जाने के बाद भी मंदिर समिति ने पैकेट पर से महाकाल मंदिर के शिखर और ओम की तस्वीर नहीं हटाई थी। इस देरी पर याचिकाकर्ता और उनके वकील ने नाराजगी जताई और मंदिर समिति को 10 दिन के भीतर तस्वीरें हटाने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समिति ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो वे फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। याचिकाकर्ताओं ने पहले भी दो बार मंदिर समिति को आवेदन देकर पैकेट से तस्वीर हटाने की मांग की थी, लेकिन समिति ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद, 11 अप्रैल को याचिकाकर्ता संत प्रशासनिक अधिकारियों से मिले, जहां उन्हें फिर से आश्वासन दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर 19 अप्रैल को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed