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Ujjain: रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक पहुंचने के लिए बनेगा रोप वे, दो किमी की दूरी पांच मिनट में होगी तय
Thu, 13 Oct 2022 06:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 13 Oct 2022 06:08 PM IST
सार
उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप वे बनाया जाएगा। इसके टेंडर को मंजूरी मिल गई है। इस दो किलोमीटर लंबाई के रोप-वे को 209 करोड़ रुपये में बनाया जाएगा।
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उज्जैन महाकाल मंदिर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के भक्तों को एक और सौगात मिलने जा रही है। उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोप वे बनाए जाने को मंजूरी मिल गई है। इस दो किमी लंबाई के रोप-वे को 209 करोड़ रुपये में बनाया जाएगा। इसके बनने से भक्तों को ये फायदा होगा कि वे रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक सिर्फ पांच मिनट में पहुंच सकेंगे।
उज्जैन को मिलने वाली इस सौगात की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट के माध्यम से साझा की है। गडकरी ने बताया कि जुलाई 2023 से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ साथ बस एवं कार पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
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बता दें कि 11 अक्टूबर को ही महाकाल लोक का लोकार्पण किया गया था। उम्मीद जताई जा रही है कि महाकाल में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ेगी। रोप वे बन जाने से श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर शीघ्र पहुंचने में सुगमता होगी।
एयर टैक्सी के तौर पर बनेगा रोप-वे
कुछ महीनों पहले जब गडकरी उज्जैन आए थे, तब उनसे इंदौरगेट रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक एयर टैक्सी के रूप में रोप-वे बनवाने की मांग की गई थी। उन्होंने उसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी देते हुए घोषणा भी की थी। कहा था प्रस्ताव बनाकर भेजो, मैं कर दूंगा। इसके बाद अगस्त में उन्होंने रोप-वे को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके बाद ही स्पॉट का फिजिबिलिटी सर्वे किया गया। रोप-वे का रुट तय किया गया। अधिकतम ऊंचाई कितनी रखी जानी चाहिए, यह भी लिखा। स्टेशन रोड पर एक तरफ रेलवे की जमीन होने से सारा हिस्सा खाली है। दूसरी तरफ तीन-चार मंजिला होटलें तनी हुई हैं। रेलवे स्टेशन की जमीन पर यह रोप-वे बन सकता है। महाकाल क्षेत्र में रोपवे स्टेशन कहां बनेगा, यह अभी तय होना है। 10 साल बाद की आबादी और सड़क पर वाहनों की बढ़ती संख्या, प्रदूषण को ध्यान में रख एयर टैक्सी सुविधा शुरू करना जरूरी हो गया है।
18 धार्मिक स्थलों पर बनेंगे रोप-वे
गडकरी ने फिलहाल उज्जैन की घोषणा की है, लेकिन रोप-वे कुल 18 धार्मिक स्थलों पर बनने हैं। केंद्र ने वाराणसी, केदारनाथ मंदिर और उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब के लिए रोप-वे विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी। इन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। साथ ही पर्वतमाला परियोजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों, दुर्गम क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ने के लिए रोप-वे बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में 200 से अधिक प्रोजेक्ट विकसित होंगे। नासिक से त्र्यंबकेश्वर तक पांच किमी लंबा रोप-वे भी प्रस्तावित है। इसी तरह श्रीनगर में शंकराचार्य मंदिर तक एक किमी लंबा रोप-वे, लेह पैलेस और ग्वालियर किले तक रोप-वे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आभार जताया
उज्जैन रेलवे स्टेशन से श्री महाकाल मंदिर तक दो किमी लंबाई के रोप-वे निर्माण के निर्णय पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। सिंह ने कहा है कि 209 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इस रोप-वे से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जनसुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि "श्री महाकाल लोक" के नए आकर्षण से बढ़ने वाले धार्मिक पर्यटन की आवश्यकता के अनुरूप रोप-वे निर्माण का निर्णय लिया जाना केंद्र की भाजपा सरकार का दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय है, जिसकी सराहना होना चाहिए। सिंह ने कहा कि इस पहल ने डबल इंजन सरकार के लाभ को जीवंत कर उज्जैन को एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभारने का स्पष्ट संकेत दिया है।
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उज्जैन को मिलने वाली इस सौगात की जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट के माध्यम से साझा की है। गडकरी ने बताया कि जुलाई 2023 से इसका निर्माण कार्य शुरू होगा। रोप-वे स्टेशन में लोगों के लिए फूड जोन, प्रतीक्षालय, शौचालय के साथ साथ बस एवं कार पार्किंग की सुविधा मिलेगी।
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बता दें कि 11 अक्टूबर को ही महाकाल लोक का लोकार्पण किया गया था। उम्मीद जताई जा रही है कि महाकाल में भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ेगी। रोप वे बन जाने से श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर शीघ्र पहुंचने में सुगमता होगी।
एयर टैक्सी के तौर पर बनेगा रोप-वे
कुछ महीनों पहले जब गडकरी उज्जैन आए थे, तब उनसे इंदौरगेट रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक एयर टैक्सी के रूप में रोप-वे बनवाने की मांग की गई थी। उन्होंने उसे सैद्धांतिक रूप से मंजूरी देते हुए घोषणा भी की थी। कहा था प्रस्ताव बनाकर भेजो, मैं कर दूंगा। इसके बाद अगस्त में उन्होंने रोप-वे को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इसके बाद ही स्पॉट का फिजिबिलिटी सर्वे किया गया। रोप-वे का रुट तय किया गया। अधिकतम ऊंचाई कितनी रखी जानी चाहिए, यह भी लिखा। स्टेशन रोड पर एक तरफ रेलवे की जमीन होने से सारा हिस्सा खाली है। दूसरी तरफ तीन-चार मंजिला होटलें तनी हुई हैं। रेलवे स्टेशन की जमीन पर यह रोप-वे बन सकता है। महाकाल क्षेत्र में रोपवे स्टेशन कहां बनेगा, यह अभी तय होना है। 10 साल बाद की आबादी और सड़क पर वाहनों की बढ़ती संख्या, प्रदूषण को ध्यान में रख एयर टैक्सी सुविधा शुरू करना जरूरी हो गया है।
18 धार्मिक स्थलों पर बनेंगे रोप-वे
गडकरी ने फिलहाल उज्जैन की घोषणा की है, लेकिन रोप-वे कुल 18 धार्मिक स्थलों पर बनने हैं। केंद्र ने वाराणसी, केदारनाथ मंदिर और उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब के लिए रोप-वे विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी। इन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। साथ ही पर्वतमाला परियोजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों, दुर्गम क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ने के लिए रोप-वे बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में 200 से अधिक प्रोजेक्ट विकसित होंगे। नासिक से त्र्यंबकेश्वर तक पांच किमी लंबा रोप-वे भी प्रस्तावित है। इसी तरह श्रीनगर में शंकराचार्य मंदिर तक एक किमी लंबा रोप-वे, लेह पैलेस और ग्वालियर किले तक रोप-वे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आभार जताया
उज्जैन रेलवे स्टेशन से श्री महाकाल मंदिर तक दो किमी लंबाई के रोप-वे निर्माण के निर्णय पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने केंद्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया है। सिंह ने कहा है कि 209 करोड़ की लागत से बनने जा रहे इस रोप-वे से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जनसुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि "श्री महाकाल लोक" के नए आकर्षण से बढ़ने वाले धार्मिक पर्यटन की आवश्यकता के अनुरूप रोप-वे निर्माण का निर्णय लिया जाना केंद्र की भाजपा सरकार का दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय है, जिसकी सराहना होना चाहिए। सिंह ने कहा कि इस पहल ने डबल इंजन सरकार के लाभ को जीवंत कर उज्जैन को एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभारने का स्पष्ट संकेत दिया है।
