MP News: पीएचई कर्मचारियों ने JCB-टैंकर लेकर किया प्रदर्शन, कहा- दोषियों को सस्पेंड करो नहीं तो काम बंद
पीएचई कर्मचारी मंगलवार सुबह पीएचई कार्यालय से हाथों में ‘दोषी पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करो’ की तख्तियां लेकर जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ पैदल मार्च करते हुए निकले। उन्होंने आईजी कार्यालय पहुंचकर आईजी संतोष कुमार सिंह से एएसपी भूरिया और सीएसपी मिश्रा को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की।
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उज्जैन में पीएचई कर्मचारियों ने मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर और जेसीबी-टैंकर लेकर प्रदर्शन करते हुए एक रैली निकाली। प्रदर्शन कर उन्होंने मांग की कि जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड नहीं कर दिया जाता तब तक हम काम पर नहीं लौटेंगे। दरअसल, महाशिवरात्रि पर्व पर त्रिवेणी संग्रहालय के पास पीएचई उपयंत्री और कर्मचारी के साथ एएसपी आकाश भूरिया और सीएसपी ओमप्रकाश मिश्रा द्वारा मारपीट की थी। उस घटना के बाद से पीएचई कर्मचारी खफा हैं और वे आरोपी पुलिसकर्मियों का निलंबन चाहते हैं।
दोषी पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने की मांग
पीएचई कर्मचारियों का यह प्रदर्शन मंगलवार सुबह चामुंडा माता चौराहा स्थित पीएचई कार्यालय से शुरू हुआ। उसमें पीएचई कर्मचारी हाथों में ‘दोषी पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करो’ की तख्तियां लेकर डंपर, टैंकर, जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ पैदल मार्च करते हुए निकले। प्रदर्शनकारी पीएचई कर्मचारी टावर चौक, शहीद पार्क सहित अन्य मार्गों से होते हुए आईजी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने आईजी संतोष कुमार सिंह से एएसपी आकाश भूरिया और सीएसपी ओमप्रकाश मिश्रा को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की।
यह हुआ था विवाद
शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को पानी पिलाने की व्यवस्था के लिए पीएचई के प्रभारी उपयंत्री खुमान सिंह भाबर और सहायक आदिल खान की ड्यूटी लगाई गई थी। ये कर्मचारी तकिया मस्जिद, धनुष गेट और त्रिवेणी संग्रहालय की तरफ ड्यूटी कर रहे थे। उसी दौरान एएसपी आकाश भूरिया और सीएसपी ओमप्रकाश मिश्रा ने उन्हें जाने से रोका और विवाद किया था। इस दौरान अफसरों के साथ मौजूद आरक्षकों ने उपयंत्री भाबर और आदिल खान को बुरी तरह पीटकर घायल भी कर दिया। उसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरक्षकों को किया जा चुका है सस्पेंड
इस मामले में पीएचई कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट के मामले की जांच के बाद एसएसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने दो आरक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन आरक्षकों को हटाने के बावजूद भी पीएचई कर्मियों का कहना है कि पीएचई उपयंत्री और कर्मचारी के साथ अधिकारियों ने मारपीट की थी, आरक्षकों ने नहीं। जब तक एएसपी आकाश भूरिया और सीएसपी ओमप्रकाश मिश्रा को सस्पेंड नहीं कर दिया जाता, तब तक हम कोई काम नहीं करेंगे।
