Baba Mahakal: अब किसी से कुछ पूछने की जरूरत खत्म, श्रद्धालु खुद जान सकेंगे कहां से होंगे दर्शन व मिलेगा प्रसाद
महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मैपिंग की व्यवस्था की जा रही है। जो कि दो तरह की होगी, इस व्यवस्था के तहत एक व्यवस्था स्थाई तौर पर की जाएगी, जबकि एक अस्थाई तौर पर।
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अगर आप आने वाले दिनों में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन करने उज्जैन आने वाले हैं तो यह खबर आपके काफी काम की है। क्योंकि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर देश का पहला ऐसा मंदिर बनने जा रहा है, जहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मैपिंग की व्यवस्था की जा रही है। अभी मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु भाषा की समस्या के कारण काफी परेशान होते हैं। हिंदी और इंग्लिश में तो श्रद्धालुओं को उनके द्वारा पूछी गई जानकारी मिल जाती है। लेकिन सबसे अधिक समस्या साउथ और महाराष्ट्र से आने वाले श्रद्धालुओं को होती है, जिनकी भाषा को न तो मंदिर के सेवादार समझ पाते हैं और न ही सुरक्षा गार्ड। इस नई व्यवस्था से अब श्रद्धालुओं को मंदिर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मैपिंग की व्यवस्था की जा रही है, जो कि दो तरह की होगी। इस व्यवस्था के तहत एक व्यवस्था स्थाई तौर पर की जाएगी, जबकि एक अस्थाई तौर पर। अस्थाई तौर पर की जाने वाली व्यवस्था मंदिर में नववर्ष, श्रावण भादो मास, दीपावली, रक्षाबंधन महाशिवरात्रि जैसे पर्व पर लागू की जाएगी, जिस समय लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचते हैं। इससे श्रद्धालुओं को बिना किसी पूछताछ के यह पता चल पाए कि मंदिर में कहां पार्किंग है, क्लॉक रूम है, कहां मोबाइल लॉकर है, कहां प्रवेश मार्ग है, कहां निगम मार्ग है और उन्हें कहां से लड्डू प्रसादी मिलेगी।
महाशिवरात्रि से होगी अस्थाई मैपिंग की शुरुआत
महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि अस्थाई मैपिंग का कार्य इन दिनों मंदिर में तेजी से जारी है। क्योंकि हम महा शिवरात्रि पर अस्थाई मैपिंग करवाएंगे और इसके माध्यम से देखेंगे कि इसका कितना फर्क श्रद्धालुओं पर पड़ता है। अस्थाई मैपिंग के बाद श्रद्धालुओं से इसका फीडबैक लिया जाएगा और फिर इस व्यवस्था में क्या-क्या सुधार किया जा सकता है, उसके आधार पर स्थाई मैपिंग करवाई जाएगी।
श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक मंदिर परिसर में मैपिंग की तैयारी करवा रहे हैं, जिसके तहत यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए छोटे-छोटे मानचित्र लगाए जाएंगे। इसे देखकर श्रद्धालु यह समझ पाएंगे कि इस वक्त वह मंदिर के किस भाग में खड़े हुए हैं। इस नई व्यवस्था से महाकालेश्वर मंदिर मैपिंग करने वाला देश का पहला मंदिर बन जाएगा।
