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Nag Panchami 2023: सावन सोमवार और नागपंचमी का संयोग, नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु
Thu, 10 Aug 2023 12:41 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:41 PM IST
सार
Nag Panchami 2023: इस वर्ष नागपंचमी पर्व 21 अगस्त को मनाया जाएगा। महाकाल मंदिर के शिखर में विराजित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 20 अगस्त को रात 12 बजे खोले जाएंगे। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सकें इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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कलेक्टर ने बैठक कर व्यवस्थाएं करने दिए निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस वर्ष नागपंचमी पर्व सोमवार 21 अगस्त को है। नागपंचमी के अवसर पर हर साल महाकाल मंदिर के शिखर पर विराजित भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इस बार 20 अगस्त की रात 12 बजे से भगवान नागचंद्रेश्वर के पट खुलेंगे और 21 अगस्त की रात 12 बजे फिर बंद हो जाएंगे। नागपंचमी सोमवार के दिन होने के चलते भगवान महाकालेश्वर की सवारी भी निकलेगी।
नागपंचमी और सावन सोमवार होने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं को नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर और भगवान महाकाल के दर्शन सुगमता से हो सके, इसके लिए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एवं पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक ली तथा निर्देश दिए कि समय पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिये पृथक एवं भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिये पृथक से प्रवेश दिया जायेगा। बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रदीप गुरू, राम गुरू, राजेन्द्र शर्मा तथा महन्त विनीत गिरि महाराज मौजूद थे।
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बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि भील धर्मशाला पर जूता स्टैण्ड बनाकर श्रद्धालुओं को गंगा गार्डन वाले रास्ते से हरसिद्धि मन्दिर के जिक-जेक में लाया जायेगा। यहां से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को जिक-जेक में से होकर हरसिद्धि मन्दिर के सामने से होकर बड़ा गणेश व बड़ा गणेश के सामने चार या पांच नम्बर गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके आगे श्रद्धालु एयरो ब्रिज से होकर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन उपरांत हरसिद्धि मन्दिर, झालरिया मठ होकर जूता स्टैण्ड पर पहुंचेंगे। इसी तरह भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को हरसिद्धि जिक-जेक से त्रिवेणी संग्रहालय एवं त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल लोक होकर मानसरोवर प्रवेश द्वार से होकर दर्शन करवाये जायेंगे।
बैठक में कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक बैरिकेट्स का आंकलन कर अन्य जिलों से बैरिकेट मंगवाने, एयरो ब्रिज की मजबूती का परीक्षण कर प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिये हैं। इसी तरह महाकालेश्वर मन्दिर में आंतरिक विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, मन्दिर के अन्दर एवं बाहर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। नगर निगम को हरसिद्धि मन्दिर के सामने की ओर अनाधिकृत हाथ ठेले एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गये हैं। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति एवं नगर निगम को श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त पेयजल व्यवस्था करने, सीएमएचओ को डॉक्टर्स की टीम एवं एम्बुलेंस की तैनाती करने के लिये निर्देशित किया गया है। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिये पूछताछ काउंटर एवं पर्याप्त संख्या में लड्डू प्रसाद काउंटर लगाये जायेंगे। कलेक्टर ने नगर निगम को अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित करने के लिये भी कहा है।
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नागपंचमी और सावन सोमवार होने की वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं को नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर और भगवान महाकाल के दर्शन सुगमता से हो सके, इसके लिए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम एवं पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक ली तथा निर्देश दिए कि समय पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिये पृथक एवं भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिये पृथक से प्रवेश दिया जायेगा। बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के प्रदीप गुरू, राम गुरू, राजेन्द्र शर्मा तथा महन्त विनीत गिरि महाराज मौजूद थे।
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बैठक में श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि भील धर्मशाला पर जूता स्टैण्ड बनाकर श्रद्धालुओं को गंगा गार्डन वाले रास्ते से हरसिद्धि मन्दिर के जिक-जेक में लाया जायेगा। यहां से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को जिक-जेक में से होकर हरसिद्धि मन्दिर के सामने से होकर बड़ा गणेश व बड़ा गणेश के सामने चार या पांच नम्बर गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके आगे श्रद्धालु एयरो ब्रिज से होकर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन उपरांत हरसिद्धि मन्दिर, झालरिया मठ होकर जूता स्टैण्ड पर पहुंचेंगे। इसी तरह भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को हरसिद्धि जिक-जेक से त्रिवेणी संग्रहालय एवं त्रिवेणी संग्रहालय से महाकाल लोक होकर मानसरोवर प्रवेश द्वार से होकर दर्शन करवाये जायेंगे।
बैठक में कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक बैरिकेट्स का आंकलन कर अन्य जिलों से बैरिकेट मंगवाने, एयरो ब्रिज की मजबूती का परीक्षण कर प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिये हैं। इसी तरह महाकालेश्वर मन्दिर में आंतरिक विद्युत व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, मन्दिर के अन्दर एवं बाहर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। नगर निगम को हरसिद्धि मन्दिर के सामने की ओर अनाधिकृत हाथ ठेले एवं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये गये हैं। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति एवं नगर निगम को श्रद्धालुओं के लिये पर्याप्त पेयजल व्यवस्था करने, सीएमएचओ को डॉक्टर्स की टीम एवं एम्बुलेंस की तैनाती करने के लिये निर्देशित किया गया है। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं के लिये पूछताछ काउंटर एवं पर्याप्त संख्या में लड्डू प्रसाद काउंटर लगाये जायेंगे। कलेक्टर ने नगर निगम को अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित करने के लिये भी कहा है।
