MP News: कौन हैं कांग्रेस नेता गुड्डू जिसे घर में मारी गई गोली? बेगम-बेटे बने दुश्मन, एक महीने पहले ऐसे बचे थे
MP Crimes News: उज्जैन में कांग्रेस (Congress) के पूर्व पार्षद कलीम खान उर्फ गुड्डू की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई। उसकी पत्नी ने बेटों के साथ मिलकर ऐसा किया। पुलिस ने पत्नी और छोटे बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की वजह काफी हैरान करने वाली है।
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मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आज नवरात्र के आखिरी दिन लोग मां की आरधना के लिए सुबह-सुबह जागे। लोग पूजा की तैयारियों में लगे हुए थे, इसी बीच शहर का नीलगंगा थाना क्षेत्र की वजीर पार्क कॉलोनी में तेज धमाका हुआ। यह आवाज थी गोली चलने की और यह गोली मारी गई थी, कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद कलीम खान उर्फ गुड्डू को। गोली लगने से गुड्डू की मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन इसका आभास उन्हें करीब एक सप्ताह पहले ही हो गया था। बताया जा रहा है कि इस हत्याकांड को किसी और ने नहीं, बल्कि गुड्डू की पत्नी और उसके बेटों ने ही अंजाम दिया है। पुलिस ने पत्नी नीलोफर और छोटे बेटे आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। बड़ा बेटा अभी फरार है।
जानकारी के अनुसार वजीर पार्क कॉलोनी में रहने वाले कांग्रेस के पूर्व पार्षद कलीम खान उर्फ गुड्डू देर रात तक जाग रहे थे। परिवार के सदस्यों से गुड्डू की बात भी हुई थी। सुबह पांच बजे गुड्डू के घर से तेज धमाके की आवाज आई। आसपास के लोग और गड्डू के रिश्तेदार जम्मू उनके मकान पर पहुंचे। इस दौरान पत्नी नीलोफर ने जम्मू को बताया कि गुड्डू को किसी ने गोली मार दी है। इसके बाद नीलोफर अपने बेटे आसिफ के साथ फरार हो गई। रिश्तेदारों और आसपास के लोगों ने नीलगंगा थाना पुलिस को सूचना दी।
तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। नीलगंगा थाना पुलिस परिजनों के बयान ले ही रही थी, इस दौरान उन्हें मृतक गुड्डू कलीम की पत्नी नीलोफर, बेटे दानिश और आसिफ के भागने की जानकारी लगी। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए एक्टिव हुई, कुछ ही देर में पुलिस की टीम ने नीलोफर और छोटे बेटे आसिफ को गिरफ्तार कर लिया, बड़ा बेटा दानिश फरार है।
जिसका डर था वही हुआ
कलीम खीन उर्फ गुड्डू पर यह पहला हमला नहीं था। बीती 4 अक्टूबर को मॉर्निंग वॉक के दौरान भी गुड्डू पर जानलेवा हमला हुआ था। हालांकि, इस दौरान कलीम की किस्मत ने उसका साथ दिया था। एक के बाद एक 3 फायर होने पर गुड्डू ने नाले में कूदकर अपनी जान बचा ली थी। इस दौरान एक गोली उन्हें छूकर निकली और हाथ में फ्रेक्चर भी हो गया था। इस हमले के बाद गुड्डू काफी डर गए थे, इसे लेकर उन्होंने पुलिस को भी शिकायती आवेदन दिया था। नीलगंगा पुलिस ने जांच करने के बाद 9 अक्टूबर केस दर्ज किया था और आरोपियों की तलाश शुरू ही की थी। लेकिन, जब तक पुलिस आरोपियों ने तक पहुंचती उन्होंने उसे गोलियों से भून दिया।
गुड्डू के खिलाफ 31 केस दर्ज
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुड्डू 20 साल पहले कांग्रेस के पार्षद रहे हैं। उन पर 31 केस दर्ज हैं। प्राथमिकी जांच में प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की बात सामने आई है। गुड्डू कलीम की ज्यादातर प्रॉपर्टी उनकी पत्नी नीलोफर के नाम पर है। अब वह इसे अपने नाम पर करवाना चाहते थे, जबकि नीलोफर और दोनों बेटे यह नहीं चाहते थे कि संपत्ति गुड्डू कलीम के नाम पर हो। इस बात को लेकर परिवार में आए दिन विवाद होता रहता था। 4 अक्टूबर को गुड्डू पर हुए जानलेवा हमले के मामले में भी नीलोफर के एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया है। नीलोफर और दोनों बेटों को डर था कि गुड्डू पूरी संपत्ति अपने नाम पर ना करवा ले, इसी के चलते उसकी हत्या कर डाली।
