फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News ›   Liquor corruption worth more than Rs 4 crore in Ujjain

Ujjain: चार करोड़ से अधिक का शराब भ्रष्टाचार; आबकारी अधिकारी और ठेकेदार पर लोकायुक्त ने दर्ज किया प्रकरण

Sat, 30 Sep 2023 10:12 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 30 Sep 2023 10:12 AM IST
सार

आबकारी अधिकारी साठगांठ कर मदिरा ड्यूटी फीस जमा किए बिना ही ठेकेदार शराब बेचता रहा। जिससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ। मामले का खुलासा होने के बाद लोकायुक्त ने मामला दर्ज किया है।

विज्ञापन
Liquor corruption worth more than Rs 4 crore in Ujjain
शराब कारोबार में घोटाला। - फोटो : social media

विस्तार

पूर्व सहायक आबकारी आयुक्त और शराब ठेकेदार ने मिलीभगत करते हुए शासन को 4 करोड़ 60 लाख 77 हजार का आर्थिक नुकसान पहुंचा दिया। मामले में लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।

विज्ञापन


लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि पूर्व सहायक आबकारी आयुक्त और वर्तमान उपायुक्त सागर प्रमोद कुमार झा ने वर्ष 2015-16 में शराब ठेकेदार पवन जयसवाल के साथ मिलकर शासन को 4 करोड़ 60 लाख 77 हजार से अधिक का चूना लगाते हुए भ्रष्टाचार किया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


प्रारंभिक जांच करने पर पाया गया कि राजपत्र में प्रकाशित नियमों के अनुसार किसी दुकान की पाक्षिक बेसिक लाइसेंस फीस, वार्षिक लाइसेंस फीस का भुगतान बकाया होने पर शराब दुकान की मदिरा प्रदाय नहीं की जा सकती। शराब ठेकेदार पवन जायसवाल द्वारा सितंबर 2015 से ही मदिरा ड्यूटी फीस जमा नहीं की गई। फीस की राशि जनवरी 2016 तक लगातार बढ़ती रही। तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त प्रमोद कुमार झा ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत करते हुए सिर्फ कारण बताओ नोटिस जारी किए और ठेकेदार पवन जयसवाल का नियमानुसार लाइसेंस निरस्त नहीं किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मार्च 2016 तक शेष राशि बढ़कर 4 करोड़ 60 लाख 77 हजार 600 हो गयी, ऑडिट रिपोर्ट में भी इस तथ्य को रेखांकित किया गया है। बावजूद सहायक आबकारी आयुक्त प्रमोद झा द्वारा ठेकेदार को सपोर्ट करते हुए अन्य दुकानों से शराब उपलब्ध कराई गई। आबकारी अधिकारी ने अपने पद का दुरूपयोग कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाते हुए शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाकर भ्रष्टाचार किया है। मामले में अब अन्य ठेकेदारों के साथ आबकारी विभाग के तत्कालीन अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका की जांच विवेचना के दौरान की जायेगी। शराब ठेकेदार पवन जायवाल देहरादून, उत्तराखण्ड का रहने वाला है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed