{"_id":"6779e9bfe8c99e292b020e45","slug":"bhasma-aarti-shringar-moon-trishul-and-damru-decorated-on-the-head-and-then-baba-mahakal-decorated-with-ashes-ujjain-news-c-1-1-noi1228-2488468-2025-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ujjain News: मस्तक पर सजा चंद्र, त्रिशूल और डमरू, फिर भस्म आरती में भस्म रमाकर सजे बाबा महाकाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ujjain News: मस्तक पर सजा चंद्र, त्रिशूल और डमरू, फिर भस्म आरती में भस्म रमाकर सजे बाबा महाकाल
Sun, 05 Jan 2025 08:18 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2025 08:18 AM IST
सार
MP News: भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल सुबह चार बजे जागे। उसके बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती धूमधाम से की गई। भस्म आरती में पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
विज्ञापन
करें बाबा महाकाल के दर्शन।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कालों के काल बाबा महाकाल बड़े निराले हैं, प्रतिदिन भस्म आरती के दौरान वे भक्तों को निराले स्वरूप में दर्शन तो देते हैं। इसके पहले उनका श्रृंगार कुछ अलग ही तरीके से होता है। रविवार को भी पहले पंचामृत स्नान फिर भांग से श्रृंगार के बाद भस्म रमाई गई। श्री महाकालेश्वर मंदिर में हुई भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल का पूजन सामग्री से आकर्षक श्रृंगार किया गया। जिसने भी इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया वह देखता ही रह गया। भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल सुबह चार बजे जागे। उसके बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती धूमधाम से की गई। भस्म आरती में पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर रविवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। जिसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी और पंचामृत से स्नान कराया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का भांग, काजू, बादाम, किशमिश, चंदन आदि से आकर्षक श्रृंगार किया गया। जिसे देखकर भक्त बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। जिसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई। महाकालेश्वर मंदिर में हजारों भक्तों ने चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान पूरे देश भर से बाबा महाकाल के श्रद्धालु भगवान के दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर रविवार को बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। जिसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान करवाकर दूध, दही, शहद, शक्कर, घी और पंचामृत से स्नान कराया गया। पंचामृत पूजन के बाद भगवान महाकाल का भांग, काजू, बादाम, किशमिश, चंदन आदि से आकर्षक श्रृंगार किया गया। जिसे देखकर भक्त बाबा महाकाल की भक्ति में लीन हो गए और जय श्री महाकाल का उद्घोष करने लगे। जिसके बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई। महाकालेश्वर मंदिर में हजारों भक्तों ने चलित भस्म आरती के माध्यम से बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया। इस दौरान पूरे देश भर से बाबा महाकाल के श्रद्धालु भगवान के दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचे थे।
विज्ञापन

विज्ञापन

