कांग्रेस विधायक दिलाएंगे भाजपा को लोकसभा सीटें
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मध्य प्रदेश में भाजपा में कांग्रेस के दो विधायकों को शामिल करके पार्टी ने लोकसभा की तीन सीटों पर अपनी संभावनाएं सुधार ली हैं। इस दलबदल से अर्जुनसिंह के बेटे अजय सिंह के समीकरण भी बिगड़ गए हैं।
मैहर (मप्र) से कांग्रेस विधायक नारायण त्रिपाठी मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। सतना से चुनाव लड़ रहे अजय सिंह से नाराज नारायण त्रिपाठी ने भाजपा में शामिल होते समय कहा कि कांग्रेस में ब्राह्मण नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिल रहा।
नारायण त्रिपाठी का यह बयान सतना लोकसभा सीट के समीकरणों को ध्यान में रखकर दिया गया है, यह बात सियासी हलकों में हर कोई जानता है। उनके पहले विजयराघौगढ़ के विधायक संजय पाठक भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।
तीन सीटों पर कांग्रेस का समीकरण बिगड़ा
इन दोनों विधायकों के भाजपा में जाने से कम से कम तीन सीटों- सतना, खजुराहो और शहडोल- पर कांग्रेस का गणित बिगड़ गया है और भाजपा के पक्ष में हो गया है। अर्जुनसिंह के पुत्र अजय सिंह को कांग्रेस ने सतना से टिकट दिया है। वह पहले सीधी से टिकट मांग रहे थे। सतना सीट पर ब्राह्मणों मतदाताओं की संख्या करीब साढ़े तीन लाख है। हालांकि बसपा से भी ब्राह्मण उम्मीदवार खड़े हुए हैं, लेकिन भाजपा ने पटेल समाज के गणेश सिंह को टिकट दिया है, जो दो बार सांसद रह चुके हैं।
अब गणेश सिंह के मतों में ब्राह्मण मतों का सहारा मिल जाता है तो अजय सिंह का समीकरण गड़बड़ा जाएगा। नारायण त्रिपाठी काफी अर्से से अजय सिंह के दबदबे और उपेक्षा की शिकायत कांग्रेस हलकों में कर रहे थे। सतना जिले में कांग्रेस ने सात में से चार विधानसभा सीटें जीती थीं।
खजुराहो में संजय पाठक और नारायण त्रिपाठी के भाजपा में चले जाने से भाजपा के उम्मीदवार नागेंद्र सिंह की स्थिति मजबूत हो गई है। नागेंद्र सिंह पहले काफी मुश्किलों से घिरे हुए थे। खनन व्यवसाय से जुड़े संजय पाठक विधायक तो विजय राघौगढ़ के हैं लेकिन उनका उस पूरे इलाके में अच्छा प्रभाव रहा है। वह खजुराहो के अलावा शहडोल सीट पर भी भाजपा की स्थिति सुधारने में कारगर साबित होंगे। भाजपा नेता प्रभात झा ने कहा है कि यह पार्टी की सुनियाजित रणनीति है। कांग्रेसियों को इसलिए भाजपा में लिया जा रहा है ताकि प्रदेश में पूरी 29 सीटें जीती जा सकें।
