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ट्रेन हादसाः सामने आई दर्दभरी कहानी, पढ़कर नम हो जाएंगी आंखें

Fri, 07 Aug 2015 01:28 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 01:28 PM IST
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train accident, a man Lost his nephew in helping others

मध्यप्रदेश के हर्दा में हुए रेल हादसे के बाद बेशक सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द ट्रैक की मरम्मत कर और पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान कर सबकुछ सही होने की उम्मीद कर रहा हो लेकिन यह हादसा कुछ लोगों को ऐसे जख्म दे गया जिसे लोग जीते जी कभी नहीं भर पाएंगे।

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हादसे के बाद ऐसी ऐसी कहानियां निकलकर सामने आ रही हैं कि सुनकर आपकी आंखों से भी आंसू आ जाएं। हादसे के बाद गुरुवार को पीड़ितों के परिजन सूखी आंखों से ट्रेन के डिब्बों में अपनों की तलाश कर रहे थे।
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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार ट्रेन हादसे ने ट्रक ड्राइवर कृष्णा नावी को भी गहरे जख्म दे दिए। कृष्णा अपने भतीजे के साथ जनता एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे।
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भतीजे का हाथ पकड़कर कर रहे थे दूसरों की मदद

train accident, a man Lost his nephew in helping others

जिस समय हादसा हुआ वो अपने भतीजे विकास का हाथ पकड़कर बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने लोगों की चीख पुकार सुनी तो वो दूसरों की मदद करने लग गए। लेकिन कुछ देर ही उन्हें एहसास हुआ कि विकास अब उनके पास नहीं है।

कृष्‍णा बताते हैं कि ट्रेन उस समय स्थिर थी जब उसमें पानी घुसना शुरू हुआ। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि ये क्या हो रहा है। इसी बीच मैं दूसरों की मदद करने लगा तभी मुझे एहसास हुआ कि मेरा भतीजा जिसने कुछ देर पहले मेरा हाथ पकड़ा हुआ था वह वहां नहीं था।

इसके बाद दिनभर उसकी तलाश की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उन्हें ऐहसास हो चला था कि विकास अब जिंदा नहीं रहा। हादसे में उसकी भी मौत हो चुकी है। तेज पानी का बहाव उसके शव को भी बहाकर ले जा चुका है।

हाथ में फोटो लेकर बेटे बहू को ढूंढ रही बुजुर्ग दंपति

train accident, a man Lost his nephew in helping others

(फोटो साभारः इंडियन एक्सप्रेस)
इटारसी के रेसलपुरा की रहने वाली पार्वती बाई स्टेशन पर बैठी थी अपने पति संपतराव बेटे सोनू की आवाज सुनने के लिए। दोनों कामायनी एक्सप्रेस से खांडवा से वापस घर लौट रहे थे। वह सरकारी अस्पताल भी गई यह देखने के लिए की कहीं उनका वहां इलाज न चल रहा हो।

यहां दोनों के न मिलने पर वह हर्दा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई जहां दोनों के फोटो लेकर वह अज्ञात घायलों में उनकी तलाश करने का प्रयास कर रही थी। वह बताती हैं कि मैं घायलों के बीच में उनके चेहरे तलाश रही थी, लेकिन मुझे नहीं पता वे कहां हैं।

वहीं बुजुर्ग कचेंदीलाल और उनकी पत्‍नी हीराबाई इटारसी स्टेशन पर पहुंची राहत ट्रेन में अपने बेटे और बहू को तलाश रहे थे। लेकिन उन्हें हादसे के बाद से गायब हुए अपने बेटे प्रभुदयाल और उसकी पत्‍नी संगीता की कोई खबर नहीं लग सकी थी।

दोनों पति पत्‍नी चिकित्सा उपचार के लिए भूसावल गए थे। कंचेदीलाल और उनकी पत्‍नी हीराबाई अपने गायब बेटे और बहू की तलाश में अस्पतालों और हर्दा रेलवे स्टेशन के चक्‍कर काट रहे हैं लेकिन दोनों की कोई खबर नहीं मिल सकी है।

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