ताई की जीत का मंत्रः शिवराज की उपलब्धियां और मोदी
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प्रश्नः आप 1989 से लगातार लोकसभा चुनाव जीत रही हैं, आप लोगों के पास कौन सी उपलब्धियां लेकर जा रही हैं?
उत्तरः मैं जब सांसद बनी तब इंदौर रेल कनेक्टिविटी में कहीं नहीं था। रेल के कई कनेक्शन दिलाए। करीब 25 ट्रेनें मेरे कार्यकाल में इंदौर से जुड़ीं। यह काम मुझे लड़-लड़कर कराना पड़ा, क्योंकि ज्यादातर समय मुझे विपक्षी सांसद के तौर पर गुजारना पड़ा। इंदौर से अमृतसर, चंडीगढ़, बंगलौर की ट्रेनें जुड़ीं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हासिल करने के लिए मैंने बड़ी मेहनत की। इंदौर के लिए बुनियादी ढांचा दिलाने में मेरी भूमिका रही है। बीना रिफाइनरी को मैंने पेट्रोलियम मंत्री रहते हुए शुरू कराया। एचबीजे पाइपलाइन में मेरी भूमिका थी।
मोदी-शिवराज का है जमाना
प्रश्नः 2009 के चुनाव में आप ११ हजार मतों के मामूली अंतर से जीती थीं। क्या आपको सत्यनारायण पटेल मुश्किल उम्मीदवार लग रहे हैं?
उत्तरः पिछले चुनाव में मार्जिन कम रहने के कई कारण थे। गर्मियों और शादियों के कारण वोटिंग कम हुआ था। जब भी वोटिंग कम होता है, हमें उसका नुकसान उठाना पड़ता है। अब चित्र बदल गया है। देपालपुर से सत्यनारायण पटेल 30 हजार से भी ज्यादा मतों से चुनाव हार चुके हैं। इस बार शिवराज सरकार की उपलब्धियां भी हैं। नरेंद्र मोदी का भी प्रभाव है।
इंदौर को घरेलू गैस पाइपलाइन से है जोड़ना
प्रश्नः क्या मोदी के पक्ष में कोई लहर आपको दिखाई दे रही है?
उत्तरः हां एक लहर है। शहर तो शहर, गांवों में भी लोग कहते हैं कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है।
प्रश्नः इस चुनाव में आप किन लक्ष्यों को लेकर चुनाव लड़ रही हैं?
उत्तरः केंद्र में अपनी पार्टी की सरकार हो तो काम कराने में आसानी होती है। अब मैं सबसे पहले इंदौर शहर को घरेलू गैस पाइपलाइन से जोड़ना चाहती हूं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानें शुरू करानी हैं। मीटरगेज को ब्राडगेज में बदलवाना है। इंदौर मनमाड़ ट्रेक को पूरा करवाना है। इंदौर शहर तेजी से बढ़ रहा है। उसके विस्तार को देखते हुए सुविधाओं का विकास करना भी मेरे एजेंडे में है।
