{"_id":"614f58a98ebc3effd35de2ab","slug":"sonia-should-have-made-pawar-pm-in-2004-instead-of-manmohan-if-she-was-unwilling-athawale","type":"story","status":"publish","title_hn":"अठावले की राय: कमला हैरिस बन सकती हैं उपराष्ट्रपति तो सोनिया गांधी पीएम क्यों नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अठावले की राय: कमला हैरिस बन सकती हैं उपराष्ट्रपति तो सोनिया गांधी पीएम क्यों नहीं
Sat, 25 Sep 2021 10:43 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, इंदौर
पीटीआई, इंदौर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 25 Sep 2021 10:43 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री अठावले शनिवार को इंदौर में थे। उन्होंने कई मामलों पर अपनी बेबाक राय प्रकट की। सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को खारिज किया तो 2004 में मनमोहन की बजाए पवार को पीएम बनाने और कैप्टन अमरिंदर सिंह को भाजपा में शामिल होने जैसी बातें भी कहीं।
विज्ञापन
रामदास अठावले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपने बयानों के लिए चर्चित रहने वाले केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का विदेशी मूल का मुद्दा बेमानी है। यदि भारतीय मूल की कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति बन सकती हैं तो कांग्रेस अध्यक्ष भी 2004 के चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बन सकती थीं। अठावले ने जातिगत जनगणना का भी समर्थन किया।
विज्ञापन
अठावले ने यह भी कहा कि यदि सोनिया गांधी उस वक्त पीएम नहीं बनना चाहती थीं तो उन्हें शरद पवार को प्रधानमंत्री बनाना था। शनिवार को इंदौर में मीडिया से चर्चा में अठावले ने कहा, 'जब 2004 के चुनाव में यूपीए ने बहुमत हासिल किया था, तब मैंने प्रस्ताव किया था कि सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए। मैंने यह भी कहा था कि उनके विदेशी मूल के मुद्दे का कोई मतलब नहीं है।'
विज्ञापन
केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा नीत राजग सरकार के घटक दल आरपीआई ए के प्रमुख अठावले ने कहा कि यदि कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति बन सकती हैं तो भारत की नागरिक सोनिया गांधी क्यों नहीं? वह पूर्व पीएम राजीव गांधी की पत्नी व लोकसभा की निर्वाचित सांसद हैं, वह पीएम क्यों नहीं बन सकतीं।
विज्ञापन
पवार पीएम पद के पात्र प्रत्याशी
राकांपा प्रमुख शरद पवार को जननेता बताते हुए अठावले ने कहा कि वह पीएम पद के पात्र प्रत्याशी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की बजाए पवार को पीएम बनना था, लेकिन सोनिया गांधी ने ऐसा नहीं किया। यदि 2004 में पवार पीएम बनते तो कांग्रेस की स्थिति मजबूत होती और पार्टी को मौजूदा अनिश्चित स्थिति से बचाया जा सकता था।
पवार ने 1999 में उठाया था सोनिया के विदेशी मूल का मुद्दा
शरद पवार को 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाने पर कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। पवार ने बाद में राकांपा का गठन किया था। वहीं डॉ. मनमोहन सिंह ने 2004 से लेकर 2014 तक देश का पीएम पद संभाला था। 2014 में भाजपा के पूर्ण बहुमत हासिल करने पर नरेंद्र मोदी ने पीएम पद की बागडोर संभाली।
अमरिंदर से की भाजपा या एनडीए में आने की अपील
अठावले ने हाल ही में पंजाब के सीएम पद से हटाने के बाद शर्मिंदगी महसूस कर रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील की कि वे भाजपा या एनडीए में शामिल हो जाएं। यदि वह भाजपा में शामिल होते हैं तो आगामी पंजाब चुनाव में भाजपा की स्थिति मजबूत हो सकती है।
