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गिरफ्तार आतंकी के खुलासों ने उड़ाए होश

Thu, 03 Oct 2013 12:29 PM IST
अरविंद उपाध्याय/वाराणसी
अरविंद उपाध्याय/वाराणसी Updated Thu, 03 Oct 2013 12:29 PM IST
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simi_terrorist_khandava
मध्य प्रदेश के खंडवा जेल से फरार सिमी के सात सदस्यों में से एक मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ा और गिरफ्तार आतंकी आबिद के खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
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आबिद ने खुलासा किया है कि जेल से फरार सिमी के सदस्य फरार इकरार, असलम और जाकिर इंडियन मुजाहिद्दीन से मिले हुए हैं। तीनों को अयोध्या मामले में फैसला देने वाले जजों और वकीलों की रेकी का टास्क मिला था। वे लखनऊ के गोलागंज के बारूदखाना मोहल्ले में किराए का कमरा लेकर ठहरे थे।
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इसके साथ ही धार्मिक स्थलों, महानुभावों और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल छह अन्य फरार सिमी सदस्यों की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक जेल से फरार लोगों में खंडवा के रमजान, जाकिर हुसैन सिद्दीकी, शेख महबूब, मोहम्मद असलम, निवासी मोहम्मद एजाजुद्दीन, अबु फैसल खां हैं।
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मुंबई का अबु फैसल मूलत: पूर्वी यूपी के मऊ जिले के हंसा गांव का रहने वाला है। इसका नाम अहमदाबाद बम विस्फोट में भी आया था। सिमी सदस्य जेल के दो सुरक्षाकर्मियों के असलहे भी ले गए हैं।

आबिद की इंटेरोगेशन रिपोर्ट से आईजी कानून व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने प्रदेश के एडीजी एटीएस, एडीजी रेलवे के साथ प्रदेश के पुलिस अधिकारियों को अवगत करा दिया है।

अपाहिज प्रहरी के जिम्मे थी सिमी के आतंकियों की निगरानी
खंडवा जेल से भागे सिमी आतंकियों को जिस बैरक नं. 2 में रखा गया था, उसकी निगरानी एक ऐसे व्यक्ति के जिम्मे थी बैसाखी के सहारे चलता है और गर्दन तक नहीं घुमा पाता है।

ऐसी घोर लापरवाह व्यवस्था में जो होने का खतरा होता है वही मंगलवार तड़के हुआ। छह आतंकी बड़ी आसानी से जेल से भाग गए, लेकिन प्रहरी को न आहट सुनाई दी न कुछ दिखाई दिया।


यह भी तब हुआ जब प्रहरी वॉच टॉवर के नीचे था। ऐसा पॉइंट जहां से जेल में बंद कैदियों की सारी हलचल देखी जा सकती है। जेल के निलंबित उपअधीक्षक सुनील शर्मा का कहना है अपंग प्रहरी की तैनाती पहले के जेल अफसरों के समय से होती रही है। उन्होंने स्वीकारा की स्टाफ की कमी है और व्यवस्था में खामियां। सुधार जरूरी है।
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