मध्यप्रदेशः शिवराज ने रानी पद्मावती के नाम पर स्मारक बनाने की घोषणा की, भंसाली की फिल्म पर साधा निशाना
उपचुनाव से पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने रानी पद्मावती की याद में भोपाल में एक स्मारक बनाने की एवं उनकी शौर्य गाथा को अगले सत्र से पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है। वहीं उन्होंने कहा कि भंसाली की फिल्म "पद्मावत" का विरोध करने वालों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। उन्होंने भंसाली की फिल्म को समाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बताया।
पद्मावती जी पर जो विवादात्मक फिल्म थी उसको रोकने का फैसला तो मैंने ही किया था। उसे रोकते समय हमारे नौजवानों पर जो मुकदमें दर्ज़ हुए हैं, उन्हें वापस लिया जाएगा। पद्मावती के जीवन की शौर्य गाथा को अगले सत्र की पाठ्य पुस्तक में सम्मिलित किया जाएगा : मध्य प्रदेश CM शिवराज सिंह चौहान https://t.co/wsvGUczvAJ pic.twitter.com/AsiMVojdHS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 27, 2020
मुख्यमंत्री ने ट्विटर के जरिये जानकारी देते हुए लिखा की भोपाल के मनुआभान की टेकरी पर महारानी पद्मावती का स्मारक बनाया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल बने, जो स्मारक के स्वरूप की रूपरेखा बनाएं, ताकि हम सबकी अपेक्षा के अनुरूप उनका स्मारक बन सके।
भोपाल के मनुआभान की टेकरी पर महारानी पद्मावती के स्मारक के लिए मैंने भूमि आरक्षित की है, वहां भव्य स्मारक बनाया जायेगा। समाज के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल बने, जो स्मारक के स्वरूप की रूपरेखा बनाएं, ताकि हम सबकी अपेक्षा के अनुरूप उनका स्मारक बन सके।https://t.co/YDkwGndWFw
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 27, 2020
वहीं दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि इसके अलावा 'महाराणा शौर्य पुरुस्कार' और 'पद्मिनी पुरुस्कार' प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार स्वरूप दो लाख रुपये नगद राशि प्रदान की जाएगी।
महारानी पद्मावती के जीवन की शौर्य गाथा को अगले सत्र की पाठ्य पुस्तक में सम्मिलित किया जायेगा।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 27, 2020
इसके अलावा 'महाराणा शौर्य पुरुस्कार' और 'पद्मिनी पुरुस्कार' प्रतिवर्ष मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार स्वरूप दो लाख रुपये नगद राशि प्रदान की जायेगी।
