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Ganesh Utsav: मध्यप्रदेश के इस शहर में बना है सवा हाथ का गणेश मंदिर, सड़क पर बैठकर पूजा करते हैं भक्त
Sun, 04 Sep 2022 08:16 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 04 Sep 2022 08:16 AM IST
सार
शाजापुर के मीरकला बाजार में गणेश जी का सवा हाथ का मंदिर है, जिसमें चार हाथ वाली गणेश प्रतिमा स्थापित है।
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शाजापुर में बना सवा हाथ का गणेश मंदिर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश में विघ्नहर्ता गणेश के कई एतिहासिक मंदिर हैं, जहां गणेशोत्सव के दौरान हर दिन भक्तों की कतार लगती है। लेकिन शाजापुर जिले में भगवान गणेश का एक ऐसा मंदिर मौजूद है जिसके गर्भगृह में भक्त प्रवेश नहीं कर सकते। इसे मध्यप्रदेश का सबसे छोटा गणेश मंदिर भी कहा जा सकता है। शाजापुर के मीरकला बाजार में गणेश जी का सवा हाथ का मंदिर है, जिसमें चार हाथ वाली गणेश प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के छोटे आकार के कारण यहां भक्तों को सड़क पर बैठकर गणेश जी पूजा करनी पड़ती है।
16वीं सदी का माना जाता है मंदिर
मीरकला बाजार स्थित विघ्नहर्ता के इस मंदिर को 16वीं सदी का माना जाता है कहा जाता है कि शाहजहां कालीन किले के साथ ही इस मंदिर का निर्माण भी किया गया था। किले के निर्माण के साथ ही किला रोड, मीरकला, सोमवारिया व कसेरा बाजार में चार प्रवेश द्वार भी बनाए गए थे। इन्हीं में से एक मीरकला क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। इस गेट के साथ ही सवा हाथ का मंदिर बना हुआ है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में एक दुकान बनी है। मंदिर में पूजा-पाठ और सेवा मंदिर के पास दुकान संचालित करने वाले गुप्ता परिवार के सदस्य करते हैं।
मंदिर को लेकर आस पास के लोगों में गहरी आस्था है। समय-समय पर लोग यहां भगवान को चोला भी चढाते हैं। मंदिर के पास रहने वाले लोग और दुकानदार दिन की शुरुआत यहां पूजा के बाद ही करते हैं। लोगों का मानना है कि यहां गेट पर विराजमान होकर गणेश जी क्षेत्र की रक्षा करते हैं और उनकी कृपा से किसी तरह की मुसीबत यहां नहीं आती।
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16वीं सदी का माना जाता है मंदिर
मीरकला बाजार स्थित विघ्नहर्ता के इस मंदिर को 16वीं सदी का माना जाता है कहा जाता है कि शाहजहां कालीन किले के साथ ही इस मंदिर का निर्माण भी किया गया था। किले के निर्माण के साथ ही किला रोड, मीरकला, सोमवारिया व कसेरा बाजार में चार प्रवेश द्वार भी बनाए गए थे। इन्हीं में से एक मीरकला क्षेत्र का प्रवेश द्वार है। इस गेट के साथ ही सवा हाथ का मंदिर बना हुआ है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में एक दुकान बनी है। मंदिर में पूजा-पाठ और सेवा मंदिर के पास दुकान संचालित करने वाले गुप्ता परिवार के सदस्य करते हैं।
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मंदिर को लेकर आस पास के लोगों में गहरी आस्था है। समय-समय पर लोग यहां भगवान को चोला भी चढाते हैं। मंदिर के पास रहने वाले लोग और दुकानदार दिन की शुरुआत यहां पूजा के बाद ही करते हैं। लोगों का मानना है कि यहां गेट पर विराजमान होकर गणेश जी क्षेत्र की रक्षा करते हैं और उनकी कृपा से किसी तरह की मुसीबत यहां नहीं आती।
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