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Shajapur: जिला अस्पताल के शौचालय में हुई डिलीवरी; प्रसव के बाद महिला निकली एचआईवी पॉजिटिव
Sat, 14 Oct 2023 08:52 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 14 Oct 2023 08:52 AM IST
सार
महिला और शिशु को अलग वार्ड में रखा गया है। साथ ही एचआईवी पीड़ित मरीज से जुड़े प्रोटोकाल के अनुसार सावधानी रखकर उपचार किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल शाजापुर।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
शाजापुर के जिला अस्पताल में लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एचआईवी पीड़ित महिला की शौचालय में डिलीवरी हो गई। खास बात यह है कि अस्पताल में महिला को भर्ती कर लिया गया और डॉक्टर और स्टाफ को पता नहीं था कि महिला एचआईवी से पीड़ित है।
ऐसे में एचआईवी पीड़ित लोगों के उपचार, डिलीवरी में रखी जाने वाली कोई भी सावधानी का पालन यहां नहीं किया गया। इससे महिला के संपर्क में आए डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य लोगों में दहशत का माहौल है। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती महिला की शौचालय में डिलीवरी हो जाने से यहां की व्यवस्थाओं पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं।
मामले में जिला अस्पताल आरएमओ डॉ. सचिन नायक ने बताया कि महिला को ट्रामा सेंटर के मेटरनिटी वार्ड में भर्ती किया गया था। किंतु वह वहां नहीं रुकी और पुरानी बिल्डिंग की ओर चली गई। वहां शौचालय में उसकी डिलीवरी हुई है। डिलीवरी के बाद पता चला है कि महिला एचआईवी से पीड़ित है। ऐसे में महिला और शिशु को अलग वार्ड में रखा गया है। साथ ही एचआईवी पीड़ित मरीज से जुड़े प्रोटोकाल के अनुसार सावधानी रखकर उपचार किया जा रहा है। महिला के संपर्क में आए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण कराया जाएगा।
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ऐसे में एचआईवी पीड़ित लोगों के उपचार, डिलीवरी में रखी जाने वाली कोई भी सावधानी का पालन यहां नहीं किया गया। इससे महिला के संपर्क में आए डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य लोगों में दहशत का माहौल है। दूसरी ओर अस्पताल में भर्ती महिला की शौचालय में डिलीवरी हो जाने से यहां की व्यवस्थाओं पर भी प्रश्न चिह्न लग रहे हैं।
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मामले में जिला अस्पताल आरएमओ डॉ. सचिन नायक ने बताया कि महिला को ट्रामा सेंटर के मेटरनिटी वार्ड में भर्ती किया गया था। किंतु वह वहां नहीं रुकी और पुरानी बिल्डिंग की ओर चली गई। वहां शौचालय में उसकी डिलीवरी हुई है। डिलीवरी के बाद पता चला है कि महिला एचआईवी से पीड़ित है। ऐसे में महिला और शिशु को अलग वार्ड में रखा गया है। साथ ही एचआईवी पीड़ित मरीज से जुड़े प्रोटोकाल के अनुसार सावधानी रखकर उपचार किया जा रहा है। महिला के संपर्क में आए डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण कराया जाएगा।
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