{"_id":"65851e3d960bbf07b70b6535","slug":"shahdol-news-death-of-three-month-old-innocent-child-due-to-superstition-2023-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol News: अंधविश्वास के चलते तीन महीने के मासूम की मौत, दगना कुप्रथा थमने का नहीं ले रही नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol News: अंधविश्वास के चलते तीन महीने के मासूम की मौत, दगना कुप्रथा थमने का नहीं ले रही नाम
Fri, 22 Dec 2023 10:59 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 22 Dec 2023 10:59 AM IST
सार
अंधविश्वास के चलते तीन महीने के मासूम की मौत गई है। दगना कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रही। अधिकारियों के तमाम दावे की पोल भी खुलती नजर आ रही है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले के आदिवासी अंचल में दगना कुप्रथा थमने का नाम नहीं ले रहा है। संभागीय मुख्यालय से सटे पटासी गांव में रहने वाली तीन महीने की मासूम फिर समुचित इलाज के अभाव में इस कुप्रथा का शिकार हुई। जब तक उसे 10 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल लाया गया, वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
पटासी निवासी रागनी बैगा पिता रामजी बैगा (3 महीने) को निमोनिया की शिकायत के बाद जिला अस्पताल लाया गया। जहां पीकू वार्ड में उसकी मौत हो गई। यह घटना 19 दिसंबर की बताई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को पूरी तरह से दबा दिया था। मामला उजागर होने के बाद अब पुलिस जांच में जुटी है।
विज्ञापन
पूरे पेट में हैं दागने के निशान
तीन महीने की मासूम को सांस लेने में समस्या आ रही थी। परिजनों ने उसका ठीक तरीके से उपचार नहीं कराया। स्थानीय कुप्रथा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने बच्ची को किसी गर्म वस्तु से दगवा दिया। मासूम बच्ची के पूरे पेट में दागने के निशान थे। निशान देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे बार-बार दागा गया है।
विज्ञापन
दागने के बाद आने लगे झटके
पिता रामजी बैगा ने बताया कि रागिनी को सांस लेने में समस्या आ रही थी। घर वालों ने उसे दागवा दिया, उसके बाद उसे और झटके आने लगे। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। डॉक्टर बच्ची को निमोनिया की शिकायत बता रहे हैं।
शहर से लगा है पटासी गांव
जिस गांव में दगना कुप्रथा के कारण मासूम की मौत हुई है, वह गांव संभागीय मुख्यालय से लगा हुआ है। जिला प्रशासन लगातार इस कुप्रथा को रोकने के लिए अभियान भी चला रहा है। लेकिन यह महज कागजी खानापूर्ति को साबित कर रहे हैं। मामला उजागर होने के बाद गांव में जांच टीम भेजी गई है।सोहागपुर एसडीएम प्रगति वर्मा ने बताया कि दगना कुप्रथा को रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इस मामले में भी संबंधित विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
