{"_id":"6500228723e80555150c4fe2","slug":"shahdol-honest-rajasthan-youth-took-help-of-social-media-friend-and-returned-wallet-to-owner-2023-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol : राजस्थान से आए युवक की ईमानदारी देखिये, सोशल मीडिया के दोस्त की मदद से मालिक तक पहुंचाया खोया वॉलेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol : राजस्थान से आए युवक की ईमानदारी देखिये, सोशल मीडिया के दोस्त की मदद से मालिक तक पहुंचाया खोया वॉलेट
Tue, 12 Sep 2023 02:04 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Tue, 12 Sep 2023 02:04 PM IST
सार
राजस्थान से शहडोल आए एक युवक को सड़क पर वॉलेट मिला। उन्होंने सोशल मीडिया दोस्त से संपर्क किया। फिर मालिक को खोजा और उसे वॉलेट लौटाकर एक मिसाल पेश की।
विज्ञापन
शहडोल में ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल की मदद से मालिक तक पहुंचा गुम वॉलेट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल में राजस्थान के एक युवक ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की, जो विरले ही देखने को मिलती है। युवक को सड़क पर वॉलेट मिला तो उसने सोशल मीडिया के अपने दोस्त से संपर्क किया। दोनों ने मिलकर वॉलेट के असली मालिक को खोज निकाला और उसे उसका वॉलेट वापस किया।
विज्ञापन
दरअसल, राजस्थान से देवदत्त मिश्रा शहडोल आए थे। उनका दोस्त यहां रहता है। उन्हें गांधी चौक से सब्जी मंडी वाली सड़क पर किसी उत्कृष्ट खरे का वॉलेट मिला। वॉलेट लावारिस अवस्था में था। उन्होंने उसे उठाकर अपने पास सुरक्षित रख लिया। इस बीच सोशल मीडिया के मित्र की याद आई, जो कि एक ट्रैफिक आरक्षक था। मिश्रा ने वॉलेट सड़क से उठाकर ट्रैफिक आरक्षक विवेकानंद तिवारी को पहुंचाया। दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया पर हुई थी और तब से दोनों दोस्त थे। इसी आधार पर देवदत्त ने विवेकानंत तिवारी से संपर्क साधा।
विज्ञापन
देवदत्त ने बुढ़ार चौक में तैनात ट्रैफिक आरक्षक विवेकानंद तिवारी से संपर्क किया। देवदत्त का कहना है कि वह विवेकानंद तिवारी को काफी समय से सोशल मीडिया के माध्यम से जानते थे। शहडोल पहुंचकर उनसे मिले भी थे। उन्हें यह पता था कि बुढार चौक पर उनकी ड्यूटी है। लावारिस वॉलेट को देवदत ने विवेकानंद तिवारी को सौंप दिया। विवेकानंद तिवारी का कहना है कि वॉलेट में शहडोल के ही किसी उत्कृष्ट खरे का आईडी मिला। उस आधार पर खरे का वर्तमान पता और मोबाइल नंबर पता किया गया। फिर वॉलेट उन तक पहुंचाया गया। खरे का कहना है कि खोई चीज मिलना अपने आप में राहत देने वाला है। देवदत्त और विवेकानंद तिवारी ने खोया वॉलेट फिर से मेरे पास लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निबाई है।
विज्ञापन
