{"_id":"6a226a23d156adee84014f25","slug":"police-influencer-vivekanand-tiwari-who-has-17-million-followers-has-been-suspended-shahdol-news-c-1-1-noi1220-4360917-2026-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol News: सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, डिपार्टमेंट ने निलंबन आदेश जारी किए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol News: सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, डिपार्टमेंट ने निलंबन आदेश जारी किए
Fri, 05 Jun 2026 11:43 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:43 PM IST
सार
सोशल मीडिया पर यातायात जागरूकता के वीडियो से पहचान बनाने वाले प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी विभागीय कार्रवाई के घेरे में आ गए हैं। निलंबन आदेश जारी होने के बाद इस मामले को लेकर पुलिस महकमे और सोशल मीडिया दोनों जगह बहस छिड़ गई है।
विज्ञापन
विवेकानंद तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यातायात शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को पुलिस अधीक्षक शहडोल ने निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि आरक्षक 19 मई 2026 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे। साथ ही अनुपस्थिति अवधि के दौरान उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर विभिन्न स्थानों के वीडियो अपलोड किए जाने को सेवा नियमों के उल्लंघन के रूप में माना गया है।
विज्ञापन
जारी आदेश के अनुसार विवेकानंद तिवारी पर पुलिस रेग्युलेशन-64 के तहत सेवा संबंधी सामान्य शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। आरोप है कि ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के दौरान उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो अपलोड किए गए, जिन्हें निजी प्रचार और लाभ से जोड़कर देखा गया।
विज्ञापन
निलंबन के बाद प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र शहडोल से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार गुजारा भत्ता मिलेगा तथा उन्हें पुलिस लाइन में होने वाली गणनाओं में उपस्थित रहना होगा। आदेश में उनके आचरण को कर्तव्य के प्रति लापरवाही की श्रेणी में माना गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: खंडवा में बड़ा सड़क हादसा: मांगलिक कार्यक्रम में जा रहा ग्रामीणों से भरा ट्रक पलटा, करीब 30 लोग घायल
कार्रवाई के बाद विवेकानंद तिवारी ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने 19 मई को ड्यूटी की थी, लेकिन अचानक तबीयत खराब होने पर चिकित्सकीय उपचार लिया। उनका दावा है कि उन्होंने मेडिकल अवकाश की जानकारी अपने यातायात प्रभारी को दे दी थी, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिस अवधि के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुए, उन्हें उनकी पत्नी और टीम ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से पोस्ट किया था।
बता दें कि विवेकानंद तिवारी सोशल मीडिया पर सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता से जुड़े वीडियो के लिए काफी लोकप्रिय हैं। उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। निलंबन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर बहस शुरू हो गई है। जहां कुछ लोग पुलिस विभाग की कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में उनके समर्थक इसे अनुचित बताते हुए प्रतिक्रिया दे रहे हैं। फिलहाल मामला पुलिस विभाग और सोशल मीडिया दोनों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
