{"_id":"69a9154738ae75f47d06192a","slug":"online-game-case-mother-dies-8-days-later-son-loses-parents-shahdol-news-c-1-1-noi1220-4015649-2026-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहडोल ऑनलाइन गेम मामला: आठ दिन बाद मां ने तोड़ा दम, बेटी और पिता की पहले हो चुकी है मौत; अब 15 साल का बेटा बचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहडोल ऑनलाइन गेम मामला: आठ दिन बाद मां ने तोड़ा दम, बेटी और पिता की पहले हो चुकी है मौत; अब 15 साल का बेटा बचा
Thu, 05 Mar 2026 11:17 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2026 11:17 AM IST
सार
शहडोल में ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक परिवार को तबाह कर दिया। कर्ज में डूबे शंकर लाल गुप्ता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पत्नी और बेटी को पिला दिया। तीनों अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान अब मां सहित तीनों की मौत हो गई।
विज्ञापन
तीनों मृतक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ऑनलाइन गेमिंग की लत ने शहडोल में एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती स्थित सत्यम वीडियो के पास 24 फरवरी की दरमियानी रात हुई इस दर्दनाक घटना में अब तीसरी मौत भी हो गई है। मेडिकल कॉलेज शहडोल में आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मां राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार पुरानी बस्ती निवासी शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन BDG और एविएटर (Aviator) गेम की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि इस गेम में वह लगातार पैसे हारते गए और लाखों रुपये के कर्ज में डूब गए। आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने 24 फरवरी की रात एक खौफनाक कदम उठा लिया।
विज्ञापन
आरोप है कि शंकर लाल ने कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति को पिला दिया, इसके बाद खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
विज्ञापन
पढे़ं; डिंडोरी में सड़क पर संग्राम: रामबाई धर्मशाला के सामने दो गुटों में जमकर मारपीट, इलाके में मची अफरा-तफरी
अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को शंकर लाल गुप्ता और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता ने दम तोड़ दिया था, जबकि राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिरकार राजकुमारी भी मौत के आगे हार गईं।
इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था, जिसके कारण वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म की खतरनाक लत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक गलत फैसले ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया और पीछे छोड़ गया एक मासूम बेटे का अकेलापन।
