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Vijayasan Mata: हरियाली की चादर ओढ़े एक हजार फीट पर विराजी माता विजयासन, नवरात्रि में लगेगा भक्तों का मेला
Sat, 14 Oct 2023 10:25 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 14 Oct 2023 10:25 PM IST
सार
Vijayasan Mata In Sehore: रविवार यानी 15 अक्तूबर से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। सलकनपुर में विंध्याचल पर्वत की एक हजार फीट ऊंचाई पर विराजी विजयासन माता का मंदिर भी सज गया है। हरियाली की चादर ओढ़ विंध्याचल पर्वत के बीच शिखर पर मां विजयासन धाम का दृश्य सुंदर है। मंदिर के गर्भगृह में विजयासन माता की स्वयंभू प्रतिमा है। मंदिर परिसर में देवी लक्ष्मी सरस्वती और भैरव के मंदिर भी हैं।
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एक हजार फीट पर विराजी माता विजयासन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विजयासन माता के पट तड़के तीन बजे रात से 12 बजे दिन तक खुले रहेंगे। नवरात्र में प्रतिदिन मां विजयासन का दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। 108 ज्योति प्रज्वलित होगी। पांच पहाड़ आरती होगी और विशेष श्रृंगार होगा। अष्टमी की रात महानिशा पूजन होगी। विजयासन धाम तक पहुंचाने के तीन विकल्प हैं। सीढ़ी मार्ग, सड़क मार्ग और रोपवे। पैदल यात्री 1,451 सीढ़ियां चलकर जा सकते हैं। मां दुर्गा ने महिषासुर मर्दिनी अवतार के रूप में यहां रक्तबीज नाम राक्षस का वध किया था।
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बता दें कि सलकनपुर का यह देवी मंदिर करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मां दुर्गा ने महिषासुर मर्दिनी अवतार के रूप में यहां रक्तबीज नाम राक्षस का वध किया था, फिर जगत कल्याण के लिए इसी स्थान पर बैठकर उन्होंने विजय मुद्रा में तपस्या की थी। इसी वजह से यहां के मंदिर में विजयासन देवी विराजती हैं। सलकनपुर मंदिर आस्था और श्रद्धा का 52 में शक्तिपीठ माना जाता है। मंदिर पहुंचने के लिए भक्तों को पत्थर से बनी 451 सीढ़ियां चढ़नी होती है। मंदिर के गर्भगृह में दो अखंड ज्योति प्रज्वलित है। एक नारियल के तेल से और दूसरी घी से जलाई जाती है। यहां जलने वाली साक्षात ज्योति को साक्षात देवी रूप में पूजा जाता है। मंदिर में धोनी भी जल रही है। इस धोनी को स्वामी भद्रानंद और उनके शिष्यों ने प्रज्वलित किया था, तभी से इस अखंड धोनी की भस्म को ही महाप्रसाद के रूप में दिया जाता है।
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इस बार टैक्सियों के माध्यम से ऊपर तक जा सकेंगे श्रद्धालु
देवी लोक का निर्माण कार्य चलने के कारण इस बार ऊपर तक वाहनों को प्रतिबंध किया गया है। ऊपर पहाड़ी पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसके कारण वहां पर पार्किंग के लिए स्थान नहीं है। इसके चलते प्रशासन ने नीचे ही पार्किंग के लिए तीन अलग स्थान चयनित किए हैं। भोपाल से मालीबायां की तरफ से आने वाले वाहनों को मेला ग्राउंड एवं बैल बाजार ग्राउंड पर पार्किंग रखी गई है। इसी तरह होशंगाबाद बुधनी की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए 10 एकड़ का खेत चयनित किया गया है। यहां पर पार्किंग व्यवस्था की जाएगी। इन पार्किंग वाले स्थानों से ही ट्रैक्शन भी उपलब्ध हो सकेंगे। ताकि यहां पर आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों को पार्किंग में खड़ा करके यहीं से टैक्सी में बैठकर ऊपर तक जा सकें, श्रद्धालुओं को इन टैक्सी को किराया देना होगा।
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नहीं हो श्रद्धालुओं को कोई परेशानी, एंबुलेंस और डॉक्टर की भी रहेगी ड्यूटी
नवरात्रि में देवी दर्शन और पूजा अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सलकनपुर पर आते हैं। सलकनपुर में नवरात्रि पर्व के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए सलकनपुर ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय और कलेक्टर प्रवीण सिंह आदि प्रशासनिक अधिकारी व समिति के द्वारा बैठक कर सलकनपुर में की जा रही तैयारी के संबंध में श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई परेशानी न हो और सुविधाजनक ढंग से श्रद्धालु पूजा अर्चना कर सकें। इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। पार्किंग, पेयजल, साफ-सफाई तथा पर्याप्त बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए चिकित्सों की ड्यूटी लगाने तथा एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आगमन तथा निर्गम की बेहतर व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों का मंदिर परिसर तक प्रतिबंध होने के कारण बाहर से आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान सुनिश्चित करें।
भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध
नवरात्रि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सलकनपुर मंदिर पहुंचते हैं। श्रद्वालुओं की अत्याधिक संख्या में आगमन को दृष्टिगत रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टि से मालीबॉया चौराहे से लेकर बुधनी फ्लाई ओवर मार्ग तक भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। मालीबॉया चौराहे से लेकर बुधनी फ्लाई ओवर मार्ग तक 15 अक्टूबर से 23 अक्तूबर तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने के आदेश दिए।
ऐसे पहुंचे देवीधाम सलकनपुर
सलकनपुर देवीधाम पहुंचने के लिए रेलमार्ग द्वारा होशंगाबाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सीहोर के बुधनी स्टेशन उतरकर वहां से बस द्वारा जाया जा सकता है। इसके अलावा माता के दर्शनों के लिए भोपाल से 70 किलोमीटर सड़क मार्ग से आया जा सकता है। वहीं, औबेदुल्लागंज से 35 किलोमीटर सड़क मार्ग से भी मंदिर पहुंच सुविधा प्राप्त की जा सकती है। शारदीय एवं चैत्रीय नवरात्रि के मौके पर रोजाना भोपाल, इटारसी, होशंगाबाद, पिपरिया, सोहागपुर, बैतूल आदि स्थानों से 200 किलोमीटर की दूरी भक्तगण टोलियां बनाकर गाते-बजाते पैदल ही आते हैं और सुबह चार बजे की आरती में शामिल होकर स्वयं को धन्य पाते हैं।
भक्तों का कहना है कि जब तक मां के दरबार से बुलावा नहीं आता, कोई भी उनके दर्शन नहीं पा सकता है। इसलिए जो दर्शन को बार-बार आते हैं, वे स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं। चैत्रीय और शारदीय नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक भक्तों की भीड़ होती है और प्रतिदिन एक से लेकर पांच लाख तक भक्तगण मां के दर्शनों की कतार में होकर दर्शन पाते हैं।
