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सीहोर में गरमाई सियासत: भाजपा विधायक के 10 सदस्य खरीदने के दावे से मचा बवाल, कांग्रेस बोली- लोकतंत्र का चीरहरण

Tue, 27 Oct 2026 01:37 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2026 01:37 PM IST
सार

भाजपा विधायक का कथित वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में विधायक पंचायत अध्यक्ष बनने के दौरान सदस्यों को खरीदने की बात कहते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा है। 

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Sehore: BJP MLA's Viral Video Sparks Row Over Claim of Buying 10 Panchayat Members, Congress Hits Back
आष्टा विधायक के वायरल वीडियो से सियासी भूचाल - फोटो : credit

विस्तार

जिले में आष्टा से भाजपा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का एक कथित बयान राजनीतिक तूफान खड़ा कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में विधायक अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कथित तौर पर 18 में से 10 सदस्यों को खरीदने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो में सामने आए इस दावे ने जिला राजनीति से लेकर प्रदेश की सियासत तक सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताते हुए भाजपा पर अर्थ और सत्ता के दम पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

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मंच से कही गई बात ने बढ़ाया राजनीतिक तापमान
वायरल वीडियो में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के पुराने दिनों का उल्लेख करते दिखाई देते हैं। उपलब्ध वीडियो के संदर्भ के मुताबिक वे कहते नजर आ रहे हैं कि अध्यक्ष पद के लिए समर्थन जुटाने के दौरान उन्होंने 18 में से 10 सदस्यों को खरीद लिया था। इस कथित बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि बयान का पूरा संदर्भ वीडियो की प्रामाणिकता और कथन के आशय की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है।
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जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती का तीखा हमला
मामले को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने विधायक पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपाल सिंह इंजीनियर 10 वोट खरीदकर जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। गुजराती ने इसे लोकतंत्र का चीरहरण बताते हुए कहा कि भाजपा अर्थ और पावर के दम पर वोट चोरी और सीनाजोरी कर रही है। कांग्रेस नेता के इस बयान ने विवाद को और तीखा कर दिया है। अब राजनीतिक बहस का केंद्र यह सवाल बन गया है कि वायरल वीडियो में कही गई बातों को लेकर संबंधित पक्ष क्या स्पष्टीकरण देता है।
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शिवराज सिंह चौहान के जिले में यह हाल तो बाकी जगह क्या होगा
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब शिवराज सिंह चौहान के जिले में ऐसे हालात हैं तो अन्य जिलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका यह बयान भाजपा की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर सीधा हमला है। कांग्रेस इस प्रकरण को लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनावी शुचिता से जोड़कर उठा रही है। हालांकि सदस्य खरीदने के आरोपों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे वीडियो, उसके संदर्भ और संबंधित तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

जिला पंचायत अध्यक्ष से विधायक तक का राजनीतिक सफर चर्चा में
गौरतलब है कि गोपाल सिंह इंजीनियर पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनने के बाद उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। अब उनके पुराने राजनीतिक सफर से जुड़ा यह कथित बयान चर्चा में है। जिला पंचायत जैसे स्थानीय स्वशासन के महत्वपूर्ण संस्थान में अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित सदस्यों के समर्थन से होता है। ऐसे में सदस्यों को खरीदने संबंधी कथित टिप्पणी राजनीतिक नैतिकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल पैदा करती है।


भाजपा के रुख और विधायक के स्पष्टीकरण पर निगाहें
वीडियो वायरल होने के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा संगठन और विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या विधायक अपने कथित बयान पर सफाई देंगे? क्या भाजपा संगठन इस मामले में कोई कदम उठाएगा? और क्या कांग्रेस इस मुद्दे को आगे राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाएगी? ये सवाल फिलहाल सियासी गलियारों में चर्चा का विषय हैं। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए वीडियो की प्रामाणिकता, पूरा संदर्भ और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

लोकतांत्रिक मर्यादा पर बहस
इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक पदों के लिए समर्थन जुटाने के तरीकों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर बहस छेड़ दी है। यदि किसी जनप्रतिनिधि के बयान में वास्तव में निर्वाचित सदस्यों की खरीद-फरोख्त का दावा किया गया है तो उसकी गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल वायरल वीडियो और कांग्रेस के आरोपों के बीच विधायक का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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