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दमोह: मवेशी चोरी के शक में 3 युवकों से बर्बर मारपीट, रस्सी से बांधकर पीटा, घायलों में दो को जबलपुर रेफर किया
Tue, 27 Oct 2026 03:47 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
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Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 03:47 PM IST
सार
मवेशी चोरी के शक में तीन युवकों ने बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित कुछ लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। दो युवकों को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जबकि पुलिस वायरल वीडियो और मवेशियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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घायलों को इलाज के बाद जिला अस्पताल से रेफर करते स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : credit
विस्तार
जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र में मवेशी चोरी के संदेह में तीन युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घायलों ने बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं सहित कुछ लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। घटना में घायल दो युवकों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। पुलिस घायलों के बयान और भैंसों की खरीद-फरोख्त व परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
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गौशाला के लिए भैंसें लेकर जा रहे थे युवक
घायल हसन कुरैशी के मुताबिक वह आवेद कुरैशी और हुसैन के साथ पिकअप वाहन में भैंसें लेकर जा रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उनके वाहन को रोकने की कोशिश की। आरोप है कि वाहन नहीं रोकने पर उन पर पत्थर फेंके गए और पीछा करके उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। हसन का कहना है कि वे भैंसों को सागर स्थित एक गौशाला में ले जा रहे थे। पीड़ितों के अनुसार रास्ते में उन्हें मवेशी चोरी और गौहत्या से जुड़ा बताकर उनके साथ विवाद किया गया।
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रस्सी से बांधकर पीटने का आरोप, वीडियो भी बनाए
घायल पक्ष का आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें रस्सी से बांधकर रखा और लाठी-डंडों से मारपीट की। उनका दावा है कि घटना के दौरान वीडियो भी बनाए गए, जिनमें से कुछ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने छुटका, दीपक नेमा, निखिल चौरसिया और लकी नेमा सहित अन्य लोगों पर मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना में किसकी क्या भूमिका रही यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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दस्तावेज दिखाने के बावजूद मारपीट
हसन कुरैशी के अनुसार वे भैंसों को सागर की गौशाला पहुंचाने के लिए ले जा रहे थे। उन्होंने मवेशियों की खरीद-फरोख्त और परिवहन से संबंधित कागजात दिखाने का दावा भी किया है। उनका आरोप है कि दस्तावेज दिखाने के बावजूद उनके साथ मारपीट जारी रही।
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दूसरी ओर पुलिस भैंसों की खरीद-फरोख्त और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि भैंसें कहां से लाई गई थीं और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था।
तीनों घायल अस्पताल पहुंचे
मारपीट में घायल तीनों युवकों को पहले हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दमोह जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर आवेद कुरैशी और हुसैन को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि हसन कुरैशी का उपचार दमोह में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद घायलों के परिजन भी जिला अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने घायलों के उपचार और मामले में कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उपचार करने वाले डॉ. चक्रेश अहिरवार के अनुसार मारपीट में घायल युवकों को पहले स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां से उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया। दो युवकों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है।
बयान और दस्तावेजों की जांच जारी
एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया के मुताबिक घायलों के बयान लेने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भैंसों की खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि शिकायत करने के बावजूद देर रात तक मामला दर्ज नहीं किया गया था। पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार घायलों के बयान और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में मारपीट के आरोपों, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मवेशियों के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की परिस्थितियों और आरोपितों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
