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भगवान भरोसे शिक्षा: एमपी में अभिभावकों के सामने रसों के सही नाम नहीं लिख सकी शिक्षिका, माथा पीटने लगे पेरेंट्स
Sat, 28 Sep 2024 04:10 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 28 Sep 2024 04:10 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। दरअसल, बच्चों की शिकायत पर कुछ पैरेंट्स स्कूल पहुंच गए। फिर उन्होंने टीचर का टेस्ट लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि मैडम टेस्ट में फेल हो गई।
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शिक्षिका ने हिंदी गलत लिखी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर किस हद तक नीचे है। इसे इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्र की हिंदी की शिक्षिका स्वयं हिंदी ठीक से नहीं लिख पा रही है। इस बात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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वीडियो में ऐसी ही स्थिति भैरूंदा तहसील के गांव श्यामपुर के हाईस्कूल में देखने को मिल रही है, जिसमें स्कूल की हिंदी की अतिथि शिक्षिका नेहा ने हिंदी के रसों के नाम शृंगार के स्थान पर शंगार, हास्य के स्थान पर हस्य, भयानक के स्थान पर भयनक और हास्य रस का स्थायी हास न लिखते हुए हंसी लिख दिया।
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दरअसल, श्यामपुर हाईस्कूल में शिक्षण व्यवस्था से नाराज विद्यार्थियों के परिजन स्कूल पहुंचे थे। इस दौरान पालकों ने कक्षा नौ की हिंदी की शिक्षिका नेहा से ही सवाल पूछ लिए। अभिभावकों को शिक्षिका के हाव-भाव से लगा कि यह विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पूरी तरह परिपूर्ण नहीं है तो उन्होंने अभ्यास के तौर पर शिक्षिका की परीक्षा ली, जिसमें वह फेल हो गई। शिक्षिका अभिभावकों के द्वारा किए गए सवाल में हिंदी के रसों के नाम व उनके स्थायी भाव ब्लैक बोर्ड पर सही नहीं लिख सकी। इसकी शिकायत भी अभिभावकों ने तत्काल प्राचार्य से की।
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मौके की नजाकत को देखते हुए अतिथि शिक्षिका ने अभिभावकों से अपनी गलती की माफी भी मांगी। अभिभावकों ने शिक्षिका से कहा कि बात गलती की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सही और गलत पढ़ाने की है। जब आप खुद शिक्षक ही विद्यार्थियों को शब्दों का सही अर्थ नहीं बता पाएंगे तो फिर यह विद्यार्थी आगे बढ़कर कैसे सही और गलत का फैसला कर सकेंगे।
ज्ञातव्य है कि विकासखंड के श्यामपुर हाईस्कूल में लगभग 150 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पिछले दिनों त्रैमासिक परीक्षा सम्पन्न होने के बाद शाला में अध्ययनरत कक्षा नौ की छात्रा नंदनी राजपूत ने शाला में व्याप्त समस्याएं घर पहुंचकर अपने परिजनों को बताई थी। छात्रा ने बताया कि हमारे विद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते, संस्था में त्रैमासिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है, लेकिन सिलेबस अधूरा है। शाला के पंखे खराब हैं, पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
इसके बाद छात्रा के परिजन हर्षित राजपूत अपने मित्र विजय राजपूत, हुकुम राजपूत व प्रीतम राजपूत के साथ स्कूल पहुंचे थे। जहां उन्होंने प्राचार्य महेश बांकोरिया से चर्चा कर उन्हें अव्यवस्थाओं से अवगत कराया। प्राचार्य ने अव्यवस्थाओं के संबंध में जल्द ही निराकरण करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में सात शिक्षकों में दो स्थायी व पांच अतिथि शिक्षक अध्यापन कराते हैं, जो कि समय पर नहीं आते हैं। इसके लिए उनसे जवाब मांगा गया है।
इस संबंध में स्कूल प्राचार्य महेश बांकोरिया और बीईओ प्रमोद कुमार का कहना है कि शिक्षकों के देरी से आने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। संबंधित स्टॉफ की परीक्षा ली जाएगी, यदि शिक्षक काबिल नहीं हैं तो उन पर जांच के बाद कार्रवाई कर डीईओ को लिखा जाएगा।
