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सीहोर में आंधी का कहर!: हवन के बीच भरभराकर गिरा दुर्गा पंडाल, नवमी पर मची अफरा-तफरी; दशहरे पर भी बारिश का संकट
Mon, 19 Oct 2026 11:22 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 11:22 PM IST
सार
सीहोर में सोमवार दोपहर तेज हवाओं और बारिश के कारण गणेश मंदिर रोड स्थित दुर्गा माता का पंडाल ढह गया। घटना के समय नवमी पर हवन और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। मौसम पूर्वानुमान के बाद दशहरा आयोजकों को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की सलाह दी गई है।
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नवमी के पावन आयोजन के बीच अफरा-तफरी, विसर्जन की भी चल रही थी तैयारी
विस्तार
तेज हवाएं, आंधी और बारिश का अचानक हमला… धार्मिक अनुष्ठान में जुटे श्रद्धालु और देखते ही देखते भरभराकर नीचे गिरता दुर्गा माता का पंडाल! सीहोर में सोमवार दोपहर मौसम के बदले मिजाज ने गणेश मंदिर रोड पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया, जब फैक्ट्री के समीप स्थापित माता के पंडाल का ढांचा तेज हवाओं और बारिश के बीच ढह गया। घटना के समय नवमी के अवसर पर हवन और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। अचानक पंडाल गिरने से मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई। इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में अस्थायी ढांचों की मजबूती और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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ताश के पत्तों की तरह ढहा पंडाल
सोमवार दोपहर तक लोग गर्मी और उमस से परेशान थे। करीब 3:10 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और कुछ ही देर में आसमान काले बादलों से घिर गया। मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि खुले स्थानों पर चल रही गतिविधियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गईं। इसी दौरान गणेश मंदिर रोड पर फैक्ट्री के समीप स्थापित दुर्गा माता का पंडाल ढह गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हवन और धार्मिक अनुष्ठान के बीच तेज बारिश के दौरान पूरा ढांचा नीचे आ गिरा। घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को सकते में डाल दिया।
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विसर्जन की भी चल रही थी तैयारी
नवमी के अवसर पर पंडाल में धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे और प्रतिमा विसर्जन की तैयारियां भी की जा रही थीं। ऐसे समय में पंडाल का गिरना आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों के लिए अचानक संकट जैसी स्थिति बन गया। स्थानीय नागरिक रूप सिंह ने घटना की सूचना अन्य लोगों को दी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति संभालने के प्रयास किए गए। हालांकि, किसी के घायल होने या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए नुकसान और संभावित चोटों को लेकर बिना पुष्टि के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, क्या आंधी से पहले जांचे गए थे इंतजाम?
पंडाल गिरने की घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल उसकी मजबूती और सुरक्षा इंतजामों को लेकर है। तेज हवा और बारिश की आशंका के बीच अस्थायी पंडालों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम कितने जरूरी हैं, यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है। आयोजनों में पंडाल की मजबूती, उसे बांधने के इंतजाम, बिजली के तारों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि पंडाल की स्थापना के समय सुरक्षा जांच हुई थी या नहीं। ऐसे में जिम्मेदारी तय करने से पहले तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
दशहरा आयोजकों की बढ़ी चिंता
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक एसएस तोमर के अनुसार, 20 से 24 अक्टूबर तक आसमान में हल्के से मध्यम और घने बादल छाए रहने की संभावना है। आगामी 24 घंटे में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट का अनुमान है। मौसम के इस पूर्वानुमान ने 20 अक्टूबर को होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
सीहोर में दुर्गा पंडाल गिरने की घटना धार्मिक आयोजनों के लिए चेतावनी है कि मौसम की अनदेखी भारी पड़ सकती है। दशहरा समितियों और संबंधित जिम्मेदारों को अस्थायी ढांचों की मजबूती जांचने, तेज हवा के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और बिजली से जुड़े जोखिमों को दूर करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उत्सव की भव्यता से ज्यादा महत्वपूर्ण श्रद्धालुओं की सुरक्षा है। अब मौसम का अगला रुख और आयोजकों की तैयारियां तय करेंगी कि दशहरा उत्सव बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हो पाता है या नहीं।

गिरा पंडाल

सीहोर में बारिश
