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Sehore News: 35 लाख का चोरी हुआ डंपर 6 दिन बाद मिला, सीहोर पुलिस ने राजस्थान से पकड़ा
Sun, 05 Oct 2025 11:58 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Oct 2025 11:58 AM IST
सार
थाना पार्वती प्रभारी हरी सिंह परमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगातार प्रयास कर वाहन जब्त किया। पुलिस ने संभावित आरोपियों की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
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पुलिस ने जब्त किया डंपर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर के मालीपुरा जोड़ क्षेत्र में रहने वाले कमल मेवाड़ा के मकान के पास खड़ा डंपर दिनांक 27 सितंबर की रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात चोर चोरी करके ले गए थे। सीहोर पुलिस ने 6 दिन में चोरी हुआ 35 लाख रुपये का डंपर बरामद करने कड़ी मशक्कत की। पुलिस ने मामले में एक हजार किलोमीटर लंबा पीछा किया और 200 CCTV कैमरों की जांच और साइबर ट्रैकिंग के बाद राजस्थान के नागौर जिले से वाहन पकड़ने में सफलता प्राप्त की। हालांकि चोर मौका पाकर भाग निकले, जिन्हें भी पुलिस ने शीघ्र गिरफ्तार करने दावा किया है।
पुलिस के अनुसार फरियादी कमल मेवाड़ा ने रिपोर्ट में बताया कि 27 सितंबर की रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात चोर डंपर चोरी करके ले गए थे। चोरी गए डंपर की कीमत लगभग 35 लाख है। घटना की सूचना मिलते ही सीहोर पुलिस हरकत में आ गई और मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत ने तत्काल मामले की समीक्षा की और वाहन चोरी के मामले में अपराध क्रमांक 321/25, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत
मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आष्टा आकाश आमलकर के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच दल गठित किया गया ताकि आरोपी जल्द पकड़ में आ सकें।
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यह भी पढ़ें- ज्यादातर बच्चों को डॉक्टर प्रवीण सोनी ने लिखी थी दवा, गिरफ्तार, अब तक 14 की मौत; कंपनी पर भी केस
थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम
थाना पार्वती प्रभारी हरी सिंह परमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अजय जोझा, सहायक उप निरीक्षक हीरेश सोनी, प्रधान आरक्षक दिनेश सिसोदिया, महेंद्र मेवाड़ा, आरक्षक नितिन वर्मा, शैलेंद्र पटेल, चंद्रभान सेन, साथ ही साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सुशील साल्वे और आरक्षक शैलेंद्र सिंह को शामिल कर एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने घटना के शुरुआती घंटों से ही पीछा शुरू कर दिया। पुलिस टीम ने तकनीकी साधनों और साइबर सर्विलांस का उपयोग कर डंपर की मूवमेंट ट्रैक करनी शुरू की। विभिन्न जिलों में लगभग 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, कई संभावित रूट्स की जांच की गई और स्थानीय मुखबिरों से सूचना जुटाई गई। लगातार छह दिनों तक बिना रुके पुलिस टीम ने 1000 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसके बाद वाहन की लोकेशन राजस्थान के थांवला थाना क्षेत्र (जिला नागौर) में मिली।
घेराबंदी के बीच चोर फरार, वाहन बरामद
जब पुलिस ने राजस्थान में संदिग्ध डंपर को ट्रैक कर घेराबंदी की, तो चोरों ने पुलिस की मौजूदगी देख वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कब्जे में लेकर चोरी गया डंपर (वाहन क्रमांक एमपी-37 जीए-2677) बरामद किया। फिर उसे सुरक्षित रूप से थाना पार्वती लाया गया। सीएसपी आकाश आमलकर ने बताया कि पुलिस ने न सिर्फ वाहन बरामद किया, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस डेटा के माध्यम से संभावित आरोपियों की भी पहचान कर ली है। चोरों के ठिकाने और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है, और शीघ्र ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
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पुलिस के अनुसार फरियादी कमल मेवाड़ा ने रिपोर्ट में बताया कि 27 सितंबर की रात 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात चोर डंपर चोरी करके ले गए थे। चोरी गए डंपर की कीमत लगभग 35 लाख है। घटना की सूचना मिलते ही सीहोर पुलिस हरकत में आ गई और मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत ने तत्काल मामले की समीक्षा की और वाहन चोरी के मामले में अपराध क्रमांक 321/25, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत
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मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आष्टा आकाश आमलकर के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच दल गठित किया गया ताकि आरोपी जल्द पकड़ में आ सकें।
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थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम
थाना पार्वती प्रभारी हरी सिंह परमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक अजय जोझा, सहायक उप निरीक्षक हीरेश सोनी, प्रधान आरक्षक दिनेश सिसोदिया, महेंद्र मेवाड़ा, आरक्षक नितिन वर्मा, शैलेंद्र पटेल, चंद्रभान सेन, साथ ही साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सुशील साल्वे और आरक्षक शैलेंद्र सिंह को शामिल कर एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने घटना के शुरुआती घंटों से ही पीछा शुरू कर दिया। पुलिस टीम ने तकनीकी साधनों और साइबर सर्विलांस का उपयोग कर डंपर की मूवमेंट ट्रैक करनी शुरू की। विभिन्न जिलों में लगभग 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई, कई संभावित रूट्स की जांच की गई और स्थानीय मुखबिरों से सूचना जुटाई गई। लगातार छह दिनों तक बिना रुके पुलिस टीम ने 1000 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसके बाद वाहन की लोकेशन राजस्थान के थांवला थाना क्षेत्र (जिला नागौर) में मिली।
घेराबंदी के बीच चोर फरार, वाहन बरामद
जब पुलिस ने राजस्थान में संदिग्ध डंपर को ट्रैक कर घेराबंदी की, तो चोरों ने पुलिस की मौजूदगी देख वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल कब्जे में लेकर चोरी गया डंपर (वाहन क्रमांक एमपी-37 जीए-2677) बरामद किया। फिर उसे सुरक्षित रूप से थाना पार्वती लाया गया। सीएसपी आकाश आमलकर ने बताया कि पुलिस ने न सिर्फ वाहन बरामद किया, बल्कि तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस डेटा के माध्यम से संभावित आरोपियों की भी पहचान कर ली है। चोरों के ठिकाने और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है, और शीघ्र ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
