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Sehore News: महिला कैदियों ने जिला अदालत के जजों को बनाया भाई, राखी बांधकर मनाया रक्षाबंधन

Thu, 31 Aug 2023 08:13 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 31 Aug 2023 08:13 AM IST
सार

Sehore News: सीहोर जिला जेल में रक्षाबंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। महिला कैदियों ने जिला जेल के जजों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया। जिन बंदियों की बहनें राखी बांधने नहीं पहुंची उनकी कलाई पर गायत्री परिवार की बहनों ने राखी बांधी।

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Sehore News: Women prisoners made district court judges brothers, celebrated Rakshabandhan by tying rakhi
जिला जेल में मनाया गया रक्षाबंधन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रक्षाबंधन के अवसर पर जिला जेल में अलग ही माहौल था। यहां बंदी महिला कैदियों ने जिला अदालत के जजों को अपना भाई बनाते हुए स्नेह की डोर रूपी रक्षा सूत्र बांधे। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र के निर्देश पर विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी ने जिला जेल सीहोर में बंदियों के साथ रक्षाबंधन मनाया।
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इस अवसर पर महिला बंदियों, महिला पैरालीगल वालेन्टियर्स, महिला अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल्स एवं गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा बंदी भाइयों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया गया। साथ ही बंदियों के लिए सांस्कृतिक एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। सुरेश सिंह एवं मुकेश कुमार दांगी द्वारा महिला बंदियों से भी राखी बंधवाई गई। न्यायाधीशों की उपस्थिति में जेल में आकर अपने भाईयों को बहनों ने राखी बांधी। इस अवसर पर जेल अधीक्षक ज्योति तिवारी उपस्थित थी। साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के प्रेम सम्बंधी गानें संगीत पार्टी के कलाकारों ने सुनाए।
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विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह द्वारा व्यक्त किया गया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को घर जैसा वातावरण का अनुभव करवाना है और वह मुख्य धारा में लौट सकें। सिंह ने यह भी कहा कि बंदियों के अधिकारों की रक्षा करना न्यायाधीश का कर्तव्य है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुकेश कुमार दांगी ने बताया कि जेल में यह त्यौहार मनाने का उद्देश्य यह है कि उन बंदियों की कलाई भी इस पावन पर्व पर सुनी न रहे, जिनकी बहनें जेल में आकर राखी बांधने में असमर्थ हैं अथवा नहीं आ पाई हैं।
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