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Sehore news: मूंग की खरीदी को लेकर किसानों का अल्टीमेटम, 16 जून को जन आक्रोश रैली, राजधानी घेराव की दी चेतावनी
Fri, 06 Jun 2025 10:24 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jun 2025 10:24 AM IST
सार
किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। अगली योजना के तहत किसान राजधानी की सड़कों को घेरेंगे और राजधानी में बड़ा जाम लगाएंगे।
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मूंग खरीदी का सरकार के निर्णय नहीं लिए जाने पर किसान आक्रोशित
विस्तार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के किसान सरकार की अनदेखी से नाराज़ हैं और अब सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। किसानों ने 16 जून को विशाल जन आक्रोश ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान किया है। यह रैली बुधनी के भैरुंदा गांव से निकाली जाएगी, जिसमें क्षेत्र भर के किसान ट्रैक्टरों के साथ शामिल होंगे।
मूंग खरीदी पर अब तक नहीं हुआ निर्णय
किसानों का आरोप है कि सरकार अब तक जायद की मूंग फसल की खरीदी को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। इस मुद्दे को लेकर किसानों में भारी असंतोष है। किसान स्वराज संगठन की बैठक में तय किया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को राजधानी तक ले जाया जाएगा।
यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में लगातार 42वें दिन भी बदला रहेगा मौसम, आज कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
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23 सितंबर 2023 को भी हो चुका है प्रदर्शन
इससे पहले भी 23 सितंबर 2023 को किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय भी किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी। इस बार भी रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने की बात कही जा रही है, लेकिन आंदोलन और उग्र हो सकता है यदि मांगें अनसुनी रहीं।
शांति से रैली
किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जाट ने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो राजधानी की सड़कों का घेराव किया जाएगा और राजधानी को जाम किया जाएगा। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मूंग फसल की खरीदी, गिरदावरी व्यवस्था, और डीएपी-यूरिया की कमी जैसे मुद्दे उठाए।
किसानों की प्रमुख मांगें और बयान
गजेंद्र सिंह जाट (प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के नाम पर सत्ता में आई है, लेकिन अब उन्हीं किसानों की अनदेखी कर रही है। भगवान सिंह पटेल (जिला अध्यक्ष) ने कहा कि केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य घोषित कर दिया, पर राज्य सरकार अब तक निर्णय नहीं ले पाई। विष्णु डोड (प्रदेश कोषाध्यक्ष) ने कहा, “अगर फसल का दाम नहीं मिलेगा, तो किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी?” अन्य किसान नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। आगे की रणनीति को लेकर किसानों ने एक सुर में कहा कि अब आंदोलन की राह ही बची है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो अगला कदम राजधानी की ओर बढ़ाया जाएगा।
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मूंग खरीदी पर अब तक नहीं हुआ निर्णय
किसानों का आरोप है कि सरकार अब तक जायद की मूंग फसल की खरीदी को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। इस मुद्दे को लेकर किसानों में भारी असंतोष है। किसान स्वराज संगठन की बैठक में तय किया गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को राजधानी तक ले जाया जाएगा।
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23 सितंबर 2023 को भी हो चुका है प्रदर्शन
इससे पहले भी 23 सितंबर 2023 को किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय भी किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी। इस बार भी रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रहने की बात कही जा रही है, लेकिन आंदोलन और उग्र हो सकता है यदि मांगें अनसुनी रहीं।
शांति से रैली
किसान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जाट ने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो राजधानी की सड़कों का घेराव किया जाएगा और राजधानी को जाम किया जाएगा। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मूंग फसल की खरीदी, गिरदावरी व्यवस्था, और डीएपी-यूरिया की कमी जैसे मुद्दे उठाए।
किसानों की प्रमुख मांगें और बयान
गजेंद्र सिंह जाट (प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के नाम पर सत्ता में आई है, लेकिन अब उन्हीं किसानों की अनदेखी कर रही है। भगवान सिंह पटेल (जिला अध्यक्ष) ने कहा कि केंद्र सरकार ने समर्थन मूल्य घोषित कर दिया, पर राज्य सरकार अब तक निर्णय नहीं ले पाई। विष्णु डोड (प्रदेश कोषाध्यक्ष) ने कहा, “अगर फसल का दाम नहीं मिलेगा, तो किसानों की आय कैसे दोगुनी होगी?” अन्य किसान नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। आगे की रणनीति को लेकर किसानों ने एक सुर में कहा कि अब आंदोलन की राह ही बची है। यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो अगला कदम राजधानी की ओर बढ़ाया जाएगा।
