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Sehore News: 1500 एकड़ की फसल नष्ट, अमानक दवा विक्रेताओं पर एफआईआर, मुआवजे को लेकर किसान धरने पर बैठे
Tue, 22 Jul 2025 06:39 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 06:39 PM IST
सार
आष्टा में किसानों को अमानक दवा बेचने पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। दवा से फसलें नष्ट हुईं, जिससे 120 से अधिक किसान प्रभावित हुए। मुआवजे की मांग को लेकर किसान धरने पर बैठे हुए हैं।
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मुआवजे की मांग को लेकर आष्टा तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसान।
विस्तार
सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में किसानों से धोखाधड़ी कर अमानक दवा देने वाले तीन विक्रेताओं पर आखिरकार एफआईआर दर्ज हो गई है। अमानक दवाओं के मामले में बीती देर रात किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही प्रभावित किसान सोमवार से आष्टा तहसील कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने तहसीलदार, एसडीएम, कृषि विभाग और कलेक्टर को शिकायत की है। किसानों का कहना है कि जब तक मुआवजे का आश्वासन नहीं मिलेगा, धरना जारी रहेगा।
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जानकारी के अनुसार, किसानों ने सुपर-709 नामक फफूंदनाशक दवा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। किसानों का आरोप था कि दवा के उपयोग के बावजूद फसलों में फफूंद नियंत्रित नहीं हो रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इस पर कृषि विभाग द्वारा जांच कराई गई, जिसमें दवा की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। ज्ञात हो कि आष्टा विकासखंड के लगभग 115 से 120 किसानों ने सोयाबीन बीज के उपचार के लिए सुपर-709 नामक फफूंदनाशक दवा मेसर्स अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स से खरीदी थी। इस दवा के उपयोग के बाद फसल में अंकुरण आया था, लेकिन पौधों में वृद्धि नहीं हो पाई। इससे आष्टा ब्लॉक में करीब 1500 एकड़ की सोयाबीन फसल नष्ट हो गई थी। इस शिकायत की जांच के लिए कृषि विभाग ने सहायक संचालक के नेतृत्व में टीम गठित की थी। साथ ही दुकान भी सील कर दी गई थी।
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कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया गया जवाब
जांच में सामने आया कि इस दवा का निर्माण यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज, नागपुर द्वारा किया गया था और अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स आष्टा के माध्यम से किसानों को बेची गई थी। उप संचालक कृषि एके उपाध्याय ने संबंधित कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है।
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तीन नामजद आरोपी बनाए गए
पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें सुष्मिता राय, प्रबंध निदेशक, यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज, नागपुर; विश्वास गोवर्धन धोने, सह-प्रबंधक, यूनिवर्सल एग्रो केमिकल इंडस्ट्रीज; और मुकेश पाटीदार, प्रोप्राइटर, अंबिका पाटीदार ट्रेडर्स, आष्टा शामिल हैं। आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है, किसानों को न्याय दिलाने के लिए विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी।
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कांग्रेस बोली, धारा 324 की कमी
इधर, मामले को लेकर कांग्रेस नेता हरपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद एफआईआर तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन इसमें आरोपियों पर धारा 324 नहीं लगाई गई। यदि यह धारा लगाई जाती तो किसानों के नुकसान की भरपाई हो सकती थी। उन्होंने मांग की है कि किसानों से धोखाधड़ी करने वाली कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही कंपनी को सीज किया जाना चाहिए। साथ ही जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार पर जांच बैठाने के साथ ही उन्हें निलंबित किया जाना चाहिए।
