फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Farmers bring the soil and powder of moong crop only after cleaning it with a 2.5 mm mesh

Sehore news: मूंग फसल की मिट्टी और चूरी को 2.5 एमएम की जाली से साफ करके ही लाएं किसान, इन मानकों में खरीदी

Tue, 15 Jul 2025 05:43 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Tue, 15 Jul 2025 05:43 PM IST
सार

ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने खरीदी केंद्रों को गुणवत्ता जांच, साफ-सफाई, तौल और टोकन व्यवस्था का पालन करने को कहा। किसान स्लॉट बुकिंग के माध्यम से मूंग बेच सकेंगे। शिकायतों के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है।

विज्ञापन
Sehore news: Farmers bring the soil and powder of moong crop only after cleaning it with a 2.5 mm mesh
मूंग खरीद में गड़बड़ी रोकने एसडीएम की सख्त हिदायत

विस्तार

ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मदन सिंह रघुवंशी ने खरीदी केन्द्रों के संचालक की आयोजित एक बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैठक में एसडीएम ने कहा कि किसानों की उपज की गुणवत्ता जांच व तौल में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो।

विज्ञापन


एसडीएम ने जोर देकर कहा कि खरीदी केंद्रों पर लाई जाने वाली मूंग की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि मूंग गैर-एफएक्यू पाई जाती है तो किसान को 48 घंटे के भीतर अपनी उपज को सुधारना होगा। मूंग में अधिकतम 12 प्रतिशत नमी की अनुमति है। किसानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी फसल को केंद्र पर लाने से पहले उसमें से दाल, कचरा और मिट्टी को अच्छी तरह साफ कर लें। विशेष रूप से, मिट्टी और चूरी को 2.5 एमएम की जाली से साफ करके ही केंद्र पर लाएं ताकि असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर लाई जाने वाली ट्रॉलियों में मूंग की ऊपरी और निचली परत की गुणवत्ता में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित ट्रॉली को तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में किसान को अपनी ट्रॉली स्वयं के खर्च पर वापस ले जानी होगी। यह नियम सुनिश्चित करेगा कि किसान केंद्र पर केवल एक समान और अच्छी गुणवत्ता की मूंग ही लेकर आएं। उन्होंने खरीदी केंद्र संचालकों से कहा कि तौल कार्य छोटे कांटे से किया जाएगा और प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम व बारदाना के अनुसार होगा। केंद्र पर भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए किसानों को क्रमबद्ध टोकन जारी किए जाएंगे। उपार्जन एजेंसियों को सभी केंद्रों पर बेनर और पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्शायी जाएगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सरकारी अस्पताल में जिस पानी को पी रहे थे लोग, उसकी टंकी में मिले सड़े पक्षी; जमकर मचा हंगामा
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेगा स्लॉट की बुकिंग
एसडीएम ने बताया कि किसान अपनी सुविधानुसार उपार्जन केंद्र का चयन कर स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इस बुकिंग की समयावधि सात दिन रहेगी और इसी अवधि में किसानों को अपनी उपज केंद्र पर बेचकर बिल बनवाना अनिवार्य होगा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि समयावधि समाप्त होने के बाद कोई बिल नहीं बनेगा, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था (कुर्सी), छायादार स्थान और तिरपाल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और उपार्जन संस्थाओं के प्रबंधकों को पारदर्शिता से मूंग खरीद कार्य करने के निर्देश दिए। किसी भी खरीद संबंधी शिकायत के लिए अनिल जाट, सहायक संचालक से संपर्क करने के लिए किसानों से कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed