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Hanuman Chalisa: हनुमान चालीसा की गलतियां बताने का विरोध, विश्व धर्मसंसद के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- जो है सही है
Fri, 14 Apr 2023 01:10 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 14 Apr 2023 01:10 PM IST
सार
विश्व धर्म संसद के प्रदेश अध्यक्ष और कथावाचक पंडित अजय पुरोहित ने सीहोर में तर्क देकर कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ सैकड़ों वर्षों से जनमानस करता आ रहा है और मूल रूप से आज जो हनुमान चालीसा पढ़ी जा रही है वो ही सही है।
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विश्व धर्म संसद के प्रदेश अध्यक्ष और कथावाचक पंडित अजय पुरोहित सीहोर में थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हनुमान चालीसा में गलतियां होने का मामला फिर चर्चा में है। गलतियां बताए जाने पर विश्व धर्म संसद के पदाधिकारी विरोध कर रहे हैं। विश्व धर्म संसद के प्रदेश अध्यक्ष और कथावाचक पंडित अजय पुरोहित ने सीहोर में तर्क देकर कहा कि हनुमान चालीसा का पाठ सैकड़ों वर्षों से जनमानस करता आ रहा है और मूल रूप से आज जो हनुमान चालीसा पढ़ी जा रही है वो ही सही है।
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पुरोहित ने कहा कि तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा में कोई गलती नहीं है। रामभद्राचार्य जी ने हनुमान चालीसा में जो चार गलतियां बताई हैं, उन पर भक्तों को ध्यान न देकर हनुमान चालीसा के मूल स्वरूप का पाठ ही करना चाहिए।
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हनुमान चालीसा के एक दोहे शंकर सुवन केसरी नंदन को रामभद्राचार्य के हिसाब से शंकर स्वयं केसरी नंदन होना चाहिए, पर पंडित अजय पुरोहित ने कहा कि जब हनुमान जी शंकर जी के पुत्र हैं और शंकर जी के तेज से पैदा हुए हैं तो वो शंकर सुवन ही हुए। इस वजह से शंकर सुवन केसरी नंदन सही है। इसी प्रकार एक चौपाई होई सिद्ध साखी गौरीसा पर कहा कि तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा लिखने के बाद गौरीसा यानी स्वयं शंकर जी से हस्ताक्षर करवाए। जब हनुमान चालीसा पर स्वयं शंकर जी ने हस्ताक्षर किए हैं तो फिर गलती का सवाल ही नही है।
इसी प्रकार अन्य दो चौपाइयों पर भी पंडित अजय पुरोहित ने तर्क दिया कि तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा में कोई गलती नहीं है। पंडित रामभद्राचार्य जी के कथनों का खंडन करते हुए पंडित अजय पुरोहित ने कहा कि कुछ वर्षों पहले इसी प्रकार रामचरित मानस की चौपाइयो में भी रामभद्राचार्य ने गलतियां निकाली थीं, बाद में अपनी गलती मानीं और 10 लाख का जुर्माना भी अदा किया।
