{"_id":"649ed87cf2b339fd4a0c8d62","slug":"mp-news-mahakumbh-of-devotees-held-at-kubereshwardham-diversion-of-heavy-vehicles-on-indore-bhopal-highway-2023-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: कुबेरेश्वरधाम पर लगा श्रद्धालुओं का महाकुंभ, इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर भारी वाहनों का डायवर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: कुबेरेश्वरधाम पर लगा श्रद्धालुओं का महाकुंभ, इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर भारी वाहनों का डायवर्जन
Fri, 30 Jun 2023 06:58 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 30 Jun 2023 06:58 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में हर साल की तरह इस साल भी जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन गुरुदेव भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में किया जाएगा।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं का महाकुंभ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में विठलेश सेवा समिति के तत्वाधान में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के आयोजन को लेकर समिति के द्वारा भव्य रूप से तैयारियां की गई हैं। वहीं, समिति और प्रशासनिक स्तर पर ट्रैफिक व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, सांकेतिक निशान, वाहन पार्किंग, कंट्रोल रूम, पेयजल और मंदिर परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्था की है।
विज्ञापन
करीब 40 एकड़ के मंदिर परिसर में दो भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। शनिवार से आरंभ होने वाले इस आस्था के महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आएंगे और गुरुदीक्षा प्राप्त करेंगे। शनिवार सुबह नौ बजे से भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा तीन दिवसीय भव्य गुरु पूर्णिमा का गुरु दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें सुबह नौ बजे से बारह बजे तक आयोजन किया जाएगा। उसके उपरांत दूसरे पंडाल में दोपहर एक बजे से प्रवचन का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
भागवत भूषण पंडित मिश्रा के इस भव्य आयोजन का प्रसारण भी चैनल सहित अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से किया जाएगा। इससे करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं को जीवन में गुरु के महत्व और ईश्वर की आस्था के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।
विज्ञापन
इस संबंध में विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया, हर साल गुरु के प्रति अपनी आस्था दिखाने के लिए आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व सोमवार के दिन मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसीलिए इसे व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में होने वाले तीन दिवसीय भव्य गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन, क्षेत्रवासी, सभी समाजों के अलावा समिति के द्वारा व्यवस्था की जा रही है। यहां पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अनेक पंडाल के अलावा, उपचार केन्द्र और शौचालय आदि की व्यवस्था की गई है।
कुबेरेश्वरधाम पर लगा श्रद्धालुओं का महाकुंभ...
गुरुवार को देवशयनी ग्यारस और शुक्रवार को वामन द्वादशी पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां पर पूजन-अर्चन की। इस मौके पर विशेष योग के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां पर दर्शन किए और शिला की पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की प्रतिमा विराजमान है। वहीं भव्य शिवलिंग के निर्माण चल रहा है। यहां पर शाम को गुरुदेव भागवत भूषण पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं को कहा कि देवशयनी एकादशी पर ग्रह-नक्षत्रों से स्थिर, सिद्धि, बुधादित्य, गजकेसरी और रवियोग बन रहे हैं। पांच शुभ योग के चलते इस दिन की गई पूजा और व्रत का फल और बढ़ जाएगा। द्वादशी तिथि पर साध्य, मातंग, सर्वार्थसिद्धि और बुधादित्य योग रहेंगे।
इन योग में भगवान विष्णु के वामन रूप को पूजने से मनोकामना पूरी होती है। आषाढ़ मास की द्वादशी पर सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र जल से नहाने से। इसके बाद व्रत और पूजा का संकल्प लिया जाता है। फिर व्रत रखकर भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करते हैं। पीपल में भी जल चढ़ाते हैं। दिनभर जरुरतमंद लोगों को दान किया जाता है। इस तिथि के स्वामी खुद भगवान विष्णु ही हैं। इसलिए द्वादशी तिथि पर इनकी विशेष पूजा करने का विधान है।
स्कंद पुराण के मुताबिक, आषाढ़ महीने में भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करने का विधान है। क्योंकि इस महीने के देवता भगवान वामन ही हैं। इसलिए आषाढ़ मास की दोनों एकादशी और द्वादशी तिथियों पर भगवान वामन की विशेष पूजा और व्रत करने की परंपरा है। वामन पुराण के मुताबिक आषाढ़ महीने के दौरान भगवान विष्णु के इस अवतार की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। संतान सुख मिलता है, जाने-अनजाने में हुए पाप और शारीरिक परेशानियां भी खत्म हो जाती हैं।
इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर भारी वाहनों का पुलिस ने किया डायवर्जन...
थाना मण्डी अंतर्गत ग्राम चितावलिया हेतु स्थित कुबेरेश्वर धाम सीहोर में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के दौरान शनिवार तथा रविवार अवकाश और तीन जुलाई को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। गुरुपूर्णिमा महोत्सव के दौरान सुचारू यातायात संचालन और कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए एक से तीन जुलाई तक भारी वाहनों को डायवर्जन मार्ग से निकाला जाएगा। पुलिस के अनुसार, भोपाल से इंदौर जाने वाले भारी वाहन ब्यावरा होते हुए इंदौर जाएंगे। इसी प्रकार इंदौर से भोपाल जाने वाले भारी वाहन ब्यावरा होते हुए भोपाल जाएंगे।
