MP LS Election: सीहोर में 10 लाख से अधिक वोटर तीन संसदीय क्षेत्र के सांसद चुनेंगे, सात और 13 मई को होगा मतदान
सीहोर जिले के 10 लाख से अधिक मतदाता तीन संसदीय क्षेत्र के सांसद चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। जिले में सात और 13 मई को दो चरणों में मतदान होगा।
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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 की तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता भी पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है, जिसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। भोपाल संसदीय क्षेत्र-19 भोपाल के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र सीहोर-159 में 265 मतदान केन्द्रों के माध्यम से दो लाख 23 हजार 671 मतदाता अपने मतधिकार का प्रयोग कर भोपाल सांसद का चुनाव करेंगे। इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र-18 विदिशा के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 156 बुधनी में 363 मतदान केन्द्रों के माध्यम से दो लाख 76 हजार 599 मतदाता और इछावर में 275 मतदान केन्द्रों के माध्यम से दो लाख 26 हजार 913 मतदाता विदिशा संसदीय क्षेत्र के सांसद का चुनाव करेंगे। देवास संसदीय क्षेत्र 21 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र 157 आष्टा में 335 मतदान केन्द्रों के माध्यम से दो लाख 79 हजार 449 मतदाता अपने मतधिकार का प्रयोग कर देवास सांसद का चुनाव करेंगे।
सीहोर में आदर्श आचार संहिता भी पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है, जिसके तहत ऑफिशियल बेवसाइट एवं कार्यालय से राजनैतिक व्यक्तियों के फोटोग्राफ हटाना, सरकारी संपत्ति/शासकीय कार्यालय से वॉल (दीवार लेखन, पोस्टर, पंपलेट, पेपर, होर्डिंग, बैनर और झण्डे आदि हटाना, सिंगल विंडो एसी एवं जिला स्तर पर संचालित करना, एमसीसी घोषणा के 48 घंटे के अंदर, पब्लिक प्रापर्टी से संपत्ति विरूपण की कार्रवाई कराना, वाहन जैसे पानी के टैंकर, एंबुलेंस, नगर पालिका/परिषदों के कचरा गाड़ी, पंचायत एवं अन्य स्थानों पर उपलब्ध पानी के टैंकर, फायर फाइटर आदि पर अंकित किसी भी राजनैतिक चिन्ह, फोटो नाम आदि को छुपाना/हटाना आदि शामिल है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जैसे ही निर्वाचन का कार्यक्रम जारी किया जाता है, उसी दिन उसी समय से आचार संहिता प्रभावशील हो जाती है और निर्वाचन समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगी। यह समान रूप से राज्य सरकार के अधीन गठित समिति, संगठन, बोर्ड, आयोग, स्थानीय निकाय, शासकीय संगठन सभी पर लागू होगी। आदर्श आचार संहिता के तहत शासकीय सर्किट हाउस, रेस्ट हाउस और गेस्ट हाउस निर्वाचन प्रेक्षक एवं निर्वाचन पदाधिकारियों को आवंटित किए जाएंगे। जिन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है, उन्हें भी सीमित अवधि/समय के आवंटित किए जा सकेंगे। लेकिन कोई राजनैतिक मीटिंग आदि नहीं ले सकेंगे।
अन्य महत्वपूर्ण शासकीय व्यय पर किसी भी योजना का नया विज्ञापन और होर्डिंग्स प्रचार नहीं किया जाएगा। शासकीय बेवसाइट एवं शासकीय कार्यालयों आदि से पॉलिटिकल एक्जीक्यूटिव के फोटो हटाना है। आम सभा, रैली, रोड-शो केवल अनुमति से की जा सकेगी। लाउड स्पीकर का उपयोग सक्षम अनुमति से किया जाएगा। रात 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा।
शासकीय वाहनों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा। मंत्रियों, निकायों के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष आदि के लिए शासकीय वाहन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। प्रधानमंत्री एवं अन्य राजनेता जिन्हें उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान की गई है, को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। स्वायत संस्थानों, संगठनों के प्रतिनिधि निवास से कार्यालय तक जाने के लिए शासकीय वाहन का प्रयोग कर सकेंगे। जैसे रिजर्व बैंक, विश्वविद्यालय तथा कॉलेज आदि अन्य सस्थाएं। यदि शासकीय वाहन का दुरुपयोग पाया जाता है, तब अन्य कार्रवाइयों के साथ जब्त भी किया जाएगा। शासकीय कार्यालयों/अधिकारियों द्वारा आउटसोर्स, किराया आदि सभी प्रकार के वाहन शासकीय माने जाएंगे।
आदर्श आचार संहिता के तहत अब ट्रासंफर/पोस्टिंग प्रतिबंध
निर्वाचन कार्य में नियुक्त कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। यदि आचार संहिता प्रभावशील होने के पूर्व स्थानांतरण हो गया, तब भी भार मुक्त एवं ज्वाइन तभी हो सकेंगे, जब निर्वाचन आयोग से अनुमति प्राप्त कर ली गई हो। कोई भी शासकीय सेवक राजनैतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकेंगे। कोई भी शासकीय सेवक निर्वाचन, मतदान, मतगणना अभिकर्ता नहीं हो सकते हैं। चुनावी आम सभाओं, रैली, रोड शो आदि में शासकीय सेवक जिनकी ड्यूटी जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर ने लगाई हो, को छोड़कर अन्य शासकीय सेवक उपस्थित नहीं हो सकेंगे और न ही आमसभा और रैली में भाग लेंगे।
आदर्श आचार संहिता का प्रभावशील होना
शासकीय योजनांए एवं निर्माण कार्य नई योजनाओं की घोषणा, कार्यक्रम, परियोजना वित्तीय सहायता, लोकार्पण, शिलान्यास पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। शासकीय योजनाओं के अंतर्गत नई स्वीकृति नहीं की जाएगी। हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा पॉलिटिकल एक्जीक्यूटिव द्वारा नहीं की जाएगी। कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कोई नई स्वीकृति नहीं की जाएगी। निर्माण कार्यों के स्वीकृति आदेश जारी किन्तु स्थल पर वास्तविक कार्य प्रारंभ नहीं। ऐसी स्थिति में नया कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा। यदि स्थल पर निर्माण एवं विकास कार्य वास्तविक रूप से चालू हो गया है, वह जारी रहेगा। चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाएं आयोग को सूचित किए बिना, सूचना देकर, अनुमति लेकर निरंतर चालू रहेगी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जैसे ही निर्वाचन का कार्यक्रम जारी किया जाता है, उसी दिन उसी समय से आचार संहिता प्रभावशील हो जाती है और निर्वाचन समाप्त होने तक प्रभावशील रहेगी। यह समान रूप से राज्य सरकार के अधीन गठित समिति, संगठन, बोर्ड, आयोग, स्थानीय निकाय और शासकीय संगठन सभी पर लागू होगी।
