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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Budhni By Election: BJP was successful in saving its stronghold, know the five reasons for BJP's victory

Budhni By Election: अपना गढ़ बचाने में सफल रही भाजपा, जानें बुधनी में BJP की जीत के पांच कारण

Sat, 23 Nov 2024 05:39 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 23 Nov 2024 05:39 PM IST
सार

MP Bypoll Election Result: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ बुधनी विधानसभा क्षेत्र में शुरू से ही भाजपा की जीत के अनुमान लगाए जा रहे थे। हम आपको बता रहे हैं वो पांच कारण, जिसने भाजपा की जीत का पक्का कर दिया।

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Budhni By Election: BJP was successful in saving its stronghold, know the five reasons for BJP's victory
बुधनी विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत हुई है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश की दो विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। विजयपुर में कांग्रेस ने बाजी मारी है तो बुधनी ने भाजपा को जिताया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ बुधनी विधानसभा क्षेत्र में शुरू से ही भाजपा की जीत के अनुमान लगाए जा रहे थे। हम आपको बता रहे हैं वो पांच कारण, जिसने भाजपा की जीत का पक्का कर दिया। बुधनी उपचुनाव में भाजपा के रमाकांत भार्गव 13901 वोटो से जीते हैं। कांग्रेस के राजकुमार पटेल को मात दी। 
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1. शिवराज सिंह चौहान का मजबूत प्रभाव
बुधनी, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। उनके लंबे राजनीतिक कार्यकाल और स्थानीय कनेक्शन ने भाजपा के लिए जीत का मार्ग प्रशस्त किया। शिवराज की व्यक्तिगत लोकप्रियता, विकास योजनाओं में उनकी सक्रियता और उनकी "मामा" की छवि ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
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2. विकास योजनाओं की सफलता
भाजपा ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों की मरम्मत, सिंचाई योजनाओं और किसानों के लिए चल रही योजनाओं को अपनी जीत का आधार बनाया। पिछले वर्षों में सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं, जैसे मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और ग्रामीण विकास कार्यक्रम, ने मतदाताओं के विश्वास को और मजबूत किया।
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3. चुनाव प्रबंधन और संगठन की ताकत
भाजपा का जमीनी संगठन इस चुनाव में पूरी तरह सक्रिय था। बूथ स्तर पर मजबूत प्रबंधन, प्रभावी चुनाव प्रचार और सोशल मीडिया का उपयोग भाजपा की रणनीति का हिस्सा रहा। कार्यकर्ताओं ने घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में मोबलाइज किया।

4. कांग्रेस की कमजोर रणनीति
इस उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षा से कमजोर रहा। पार्टी एक सशक्त उम्मीदवार और ठोस रणनीति पेश करने में विफल रही। आंतरिक गुटबाजी और स्थानीय मुद्दों पर कांग्रेस की पकड़ की कमी ने भाजपा को निर्णायक बढ़त दिलाई।

5. ओबीसी और किसान वर्ग का समर्थन
शिवराज सिंह चौहान खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं, जो बुधनी के प्रमुख मतदाता वर्ग का हिस्सा है। इसके अलावा, किसानों को राहत देने वाली योजनाओं और कृषि आधारित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने से भाजपा ने ग्रामीण मतदाताओं का विश्वास जीत लिया।

बुधनी उपचुनाव में भाजपा की यह जीत शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता और उनकी सरकार की योजनाओं की स्वीकार्यता का परिणाम है। चुनाव परिणाम ने यह साबित कर दिया कि भाजपा का संगठनात्मक ढांचा और शिवराज का व्यक्तिगत प्रभाव अब भी मध्यप्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


जीत का अंतर हुआ कम
साल 2023 के चुनाव में इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 1,04,974 मतों से जीत हासिल की थी। हालांकि इस उपचुनाव में जीत का अंतर घटकर 13,901 मतों पर आ गया। इस पर मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार प्रभु पटेरिया ने कहा कि बुधनी में जीत का अंतर कम हुआ है। यह केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सांख पर असर डालेगा। उन्होंने कहा कि बुधनी के नतीजो ने यह साबित किया है कि किरार मतदाता किरार प्रत्याशी के पक्ष में ही जाता है। पार्टी को बुधनी से सबक है कि किसी एक नेता के भरोसे छोड़ने के बजाए उसे पूरे दम से काम करना चाहिए।
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